
जयपुर.
रीट पेपर लीक मामले के तार सबसे अधिक बाड़मेर, जालोर और जोधपुर से जुड़े हैं। इन जिलों के परीक्षार्थियों पर एसओजी की नजर है। एसओजी-एटीएस के एडीजी अशोक राठौड़ शनिवार को सांचौर पहुंचे और यहां पर जालोर, बाड़मेर और जोधपुर तीनों जिलों के पुलिस अधिकारियों की मीटिंग ली। सूत्रों के मुताबिक एडीजी ने करीब डेढ़ घंटे तक रीट पेपर लीक मामले से जुड़े कई तथ्यों के संबंध में पुलिस अधिकारियों से चर्चा की और उन्हें पेपर लीक से जुड़े गैंग के सदस्य और परीक्षार्थियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
ई-मित्र संचालक हिरासत में
एसओजी ने सांचौर के चार रास्ता से ई-मित्र संचालक को हिरासत में लिया। मामले में अब तक 38 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
21.80 लाख रुपए और बरामद
एसओजी ने रामकृपाल मीणा से पूछताछ के बाद 21.80 लाख रुपए और बरामद किए हैं। आरोपी रामकृपाल मीणा ने 5 करोड़ रुपए में पेपर बेचने के बदले में 1.22 करोड़ रुपए अग्रिम प्राप्त किए थे। अग्रिम राशि में से ही 21.80 लाख रुपए बरामद किए गए। इससे पहले 82 लाख रुपए प्राप्त किए जा चुके हैं। एसओजी स्ट्रांग रूम में से पेपर चोरी कर गैंग का उपलब्ध करवाने पर अग्रिम प्राप्त 1.22 करोड रुपए में से 1 करोड़ 3 लाख 80 हजार रुपए बरामद कर चुकी।
भजनलाल व सोहनी देवी से करवाई मौका तस्दीक
रीट पेपर लीक प्रकरण में गिरफ्तार बाड़मेर निवासी ए क्लास ठेकेदार भजनलाल विश्नोई और परीक्षार्थी सोहनीदेवी को शनिवार को जयपुर से बाड़मेर लेकर पहुंची। यहां पर दोनों से पेपर प्रकरण से जुड़े घटनास्थल की तस्दीक करवाई गई। इन दोनों को बाड़मेर शहर व धोरीमन्ना में इनके आवास व अन्य स्थानों पर भी ले जाया गया और सत्यापन की मौका रिपोर्ट तैयार की गई। एसओजी ने इस दौरान कुछ सामग्री भी बरामद की। भजनलाल ने अपने साले की पुत्रवधु सोहनी देवी को परीक्षा से पहले पेपर दिया था।
वांछित पति पत्नी का नहीं लगा सुराग
महावीरनगर निवासी एक महिला परीक्षार्थी व उसके पति के बारे में शनिवार को भी कोई सुराग नहीं मिला। इन दोनों की एसओजी को तलाश है। लीक पेपर महिला अभ्यर्थी के पास पहुंचा था, जो उसके पति ने ही उपलब्ध करवाया था। महिला का पीहर सांचौर में है। सांचौर के पेपर लीक गिरोह से इनके पास पेपर पहुंचा था।
Published on:
06 Feb 2022 04:00 am
