17 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जयपुर टैंकर ब्लास्ट से दहशत में हैं सीतापुरा क्षेत्र के कारोबारी, चेताया- LPG बॉटलिंग प्लांट शिफ्ट करें नहीं तो होगा आंदोलन

Jaipur Tanker Blast : जयपुर टैंकर ब्लास्ट से दहशत में हैं सीतापुरा क्षेत्र के कारोबारी। सीतापुरा से एलपीजी बॉटलिंग प्लांट को शिफ्ट करने की मांग की, नहीं तो आंदोलन की चेतावनी दी है।

less than 1 minute read
Google source verification
Jaipur Tanker Blast Sitapura Area Businessmen Panic Shift LPG Bottling Plant or else there will be Agitation

Jaipur Tanker Blast : जयपुर में अजमेर रोड पर हुए अग्निकांड से सीतापुरा क्षेत्र के कारोबारी भी दहशत में हैं। सीतापुरा में आईओसीएल का एलपीजी बॉटलिंग प्लांट है। 2009 के अग्निकांड के बाद टर्मिनल पंपिंग स्टेशन को तो बंद कर दिया गया, लेकिन एलपीजी बॉटलिंग प्लांट अब भी चालू है। सीतापुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि रीको प्रशासन और पुलिस प्रशासन की संयुक्त कमेटी ने 2012 में आईओसीएल के इन प्लांट्स का दौरा किया था। कमेटी ने पड़ताल के बाद अपनी रिपोर्ट में आईओसीएल के प्लांट को यहां से दूर शिफ्ट करने के आदेश दिए थे, लेकिन 12 साल के बाद भी इसे शिफ्ट नहीं किया गया है। इस मामले में आईओसीएल के जनरल मैनेजर एलपीजी मनोहर रॉय से उनका पक्ष जानना चाहा, लेकिन उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया।

उद्योगपतियों की मांग, जल्द से जल्द इसे शिफ्ट करें

वर्तमान समय में यह प्लांट चारों ओर से घनी आबादी से घिर चुका है। इसके आसपास कॉलेज और कई शिक्षण संस्थाएं हैं। इसके अलावा निकट ही महात्मा गांधी हॉस्पिटल और दूसरी ओर गारमेंट्स और पेपर की फैक्ट्रियां हैं। ऐसे में उद्योगपतियों ने इसे जल्द से जल्द कहीं ओर शिफ्ट की मांग की है।

यह भी पढ़ें :1 जनवरी राजस्थान के खिलाड़ियों के लिए पड़ेगा भारी, प्रशिक्षण केंद्रों पर लागू होगी नई स्कीम

आंदोलन के लिए सड़क पर उतरना पड़ेगा

हम राज्य सरकार के साथ रीको, पुलिस और आईओसीएल प्रशासन से मांग करते है कि इस प्लांट को यहां से शिट किया जाए। यदि इस एलपीजी प्लांट को शिफ्ट नहीं किया गया, तो सीतापुरा के सभी उद्योगपतियों को आंदोलन के लिए सड़क पर उतरना पड़ेगा।

निलेश अग्रवाल, अध्यक्ष, सीतापुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

यह भी पढ़ें :‘महिला चिकित्सकों से नहीं करवाएं पुरुषत्व का परीक्षण’, कोटा के पॉक्सो न्यायालय का आदेश