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जयपुर से गुजरात तक ‘स्मगलिंग एक्सप्रेस’: शराब तस्करों के लिए ‘सेफ कॉरिडोर’ बनीं ट्रेनें

Jaipur Train Liquor Smuggling: सड़कों पर बढ़ती निगरानी के बीच अब शराब तस्करों ने ट्रेनों को नया सुरक्षित रास्ता बना लिया है। जयपुर से गुजरने वाली ट्रेनों में हर महीने अवैध शराब की खेप पकड़ी जा रही है। जनवरी से अब तक 19 मामलों में करीब 9 लाख रुपए की शराब जब्त की जा चुकी है।

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जयपुर

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Anand Prakash Yadav

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देवेंद्र सिंह राठौड़

Apr 28, 2026

ट्रेनों में शराब तस्करी का आरोपी अरेस्ट, पत्रिका फोटो

ट्रेनों में शराब तस्करी का आरोपी अरेस्ट, पत्रिका फोटो

Jaipur Train Liquor Smuggling: सड़कों पर बढ़ती निगरानी के बीच अब शराब तस्करों ने ट्रेनों को नया सुरक्षित रास्ता बना लिया है। जयपुर से गुजरने वाली ट्रेनों में हर महीने अवैध शराब की खेप पकड़ी जा रही है। जनवरी से अब तक 19 मामलों में करीब 9 लाख रुपए की शराब जब्त की जा चुकी है। लगातार सख्ती के बावजूद तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर नेटवर्क चला रहे हैं।

जांच में सामने आया है कि तस्करों ने रेलवे की भीड़ और लंबी दूरी के सफर को अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया है। जयपुर, गांधीनगर और फुलेरा जैसे स्टेशन अब केवल यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि तस्करों के ट्रांजिट पॉइंट भी बनते जा रहे हैं।

तस्करी के सरगना पकड़ से बाहर

जयपुर रेल मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) लगातार कार्रवाई कर तस्करों को पकड़कर आबकारी विभाग को सौंप रही है, लेकिन तस्करी के सरगना अब भी पकड़ से बाहर हैं। जांच में सामने आया है कि ज्यादातर शराब की खेप दिल्ली और हरियाणा से गुजरात भेजी जा रही है। मजबूत रेल कनेक्टिविटी और लगातार ट्रेनों की आवाजाही के कारण तस्कर इस रूट को अपेक्षाकृत सुरक्षित मानते हैं।

इसलिए ट्रेनों को चुन रहे तस्कर

ट्रेनों में रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में हर यात्री और सामान की पूरी जांच करना मुश्किल होता है। इसी स्थिति का फायदा उठाकर तस्कर शराब की खेप को बैग, सूटकेस या पार्सल में छुपाकर आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा देते हैं।

इन ट्रेनों पर खास नजर

जानकारी के अनुसार भुज-बरेली, आश्रम एक्सप्रेस और साबरमती एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनें तस्करों की पसंद बनी हुई हैं। ये ट्रेनें दिल्ली-हरियाणा से गुजरात जैसे ड्राई स्टेट तक सीधा संपर्क देती हैं।

ऐसे चकमा दे रहे हैं तस्कर

  • ट्रेनों के टॉयलेट और वॉशबेसिन की पैनलिंग के भीतर शराब छिपाई जा रही है।
  • कई बार तस्कर फर्जी नाम-पतों पर पार्सल और लगेज बुक करा देते हैं। माल पकड़ा गया तो रेलवे को 'लावारिस' शराब मिलती है, अपराधी हाथ नहीं आता।
  • सूट-बूट पहनकर, महंगे ट्रॉली बैग्स में शराब भरकर तस्कर सामान्य यात्री की तरह सफर करते हैं। हजारों यात्रियों की सघन चेकिंग करना व्यावहारिक रूप से नामुमकिन है, और इसी 'लूपहोल' का फायदा माफिया उठा रहे हैं।

अवैध शराब का 'सेफ रूट':

  • सप्लाई पॉइंट: हरियाणा और दिल्ली
  • सेफ पैसेज: जयपुर मंडल की ट्रेनें और स्टेशन
  • ब्लैक मार्केट: गुजरात के शौकीन और माफिया

दो बड़े मामले

18 अप्रेल: गांधीनगर स्टेशन पर भुज-बरेली ट्रेन से 99 बोतल शराब और 56 बीयर कैन बरामद किए गए। गुजरात के भावनगर निवासी प्रदीप भाई गिरफ्तार किया गया।

13 अप्रेल: गांधीनगर स्टेशन पर जांच के दौरान हरियाणा निवासी निखिल सिंह पकड़ा गया। उसके पास से 48 बोतल विदेशी शराब बरामद हुई, जिन पर ‘फॉर सेल इन हरियाणा’ लिखा था।

16 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद

आरपीएफ जयपुर ने सोमवार को दो स्टेशनों पर अलग-अलग कार्रवाई करते हुए करीब 16 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पहली कार्रवाई ढेहर के बालाजी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर की गई, जहां 8.100 किलोग्राम डोडा चूरा जब्त कर एक तस्कर को पकड़ा है। दूसरी कार्रवाई फुलेरा स्टेशन पर हुई, जहां 8.300 किलोग्राम डोडा चूरा जब्त कर हरियाणा निवासी गुरप्रीत को गिरफ्तार किया गया।

विशेष अभियान जारी

ट्रेनों में इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। यात्री भी ऐसी गतिविधियों की सूचना दे सकते हैं।
ओंकार सिंह,वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ जयपुर मंडल