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जेडीए ने प्रस्ताव भेजा 2392 पदों का, वित्त विभाग ने स्वीकृति दी 1958 की

जेडीए में ठेका प्रथा समाप्त करने के लिए लम्बे समय से कैडर स्ट्रेंथ की चर्चा चल रही थी। सरकार ने मुहर तो लगा दी। लेकिन, इसका ज्यादा फायदा होता नहीं दिख रहा।

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जयपुर

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Nupur Sharma

Oct 16, 2023

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जयपुर। जेडीए में ठेका प्रथा समाप्त करने के लिए लम्बे समय से कैडर स्ट्रेंथ की चर्चा चल रही थी। सरकार ने मुहर तो लगा दी। लेकिन, इसका ज्यादा फायदा होता नहीं दिख रहा। क्योंकि पहले से जेडीए में 1958 पद स्वीकृत थे। सरकार ने इसमें संशोधन करते हुए 219 पदों को समाप्त कर दिया और 183 पद सृजित कर दिए थे. ऐसे में जेडीए में पदों की संख्या 1922 रह गई। जबकि जेडीए ने फरवरी, 2022 में जो प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा था, उसमें 2392 पद किए जाने की मांग की गई थी। आइटी शाखा में सर्वाधिक पद इनफॉर्मेटिक असिस्टेंट के बढ़ाए है। पहले पांच पद स्वीकृत थे, अब इनको बढ़ाकर 88 कर दिया है।

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अभी ये हाल
395 प्रतिनियुक्ति पर दे रहे जेडीए में सेवाएं
200 से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचार कर रहे काम

प्रवर्तन शाखा को और किया मजबूत
डिप्टी कंट्रोलर के पद चार से बढ़ाकर छह कर दिए।
प्रवर्तन अधिकारियों के पद 15 से बढ़ाकर 18 कर दिए।
फील्ड असिस्टेंट के पद 16 से बढ़ाकर 20 किए।
कांस्टेबल के पद 24 से बढ़ाकरे 30. किए।

खास-खास
अतिरिक्त आयुक्त (पृथ्वीराज नगर) का नाम अतिरिक्त आयुक्त (पीआरएन एवं पुनर्वास होगा।
उपायुक्त के कुल 31 में से 21 पद राजस्थान प्रशासनिक सेवा और शेष 10 पद जेडीए सेवा के होंगे।

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ये समाप्त हो जाएंगे
लिफ्ट ऑपरेटर कार्मिक की सेवानिवृत्त के बाद पद समाप्त हो जाएगा।
इंजीनियरिंग शाखा में हेल्पर, वायरमैन, फिटर, वायरमैन ग्रेड-2. और सर्वेयर के पदों को खत्म कर दिया गया है।


कैडर स्ट्रेंथ उम्मीद के मुताबिक नहीं हुआ। सरकार ने संख्या को और कम कर दिया। इससे न तो सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर निर्भरता कम होगी और न ही ठेका पद्धति समाप्त होगी। जब तक स्थायी कर्मचारी नहीं होंगे, तब तक काम की गुणवत्ता में भी सुधार संभव नहीं है। बाबू लाल मीणा, अध्यक्ष जेडीए कर्मचारी एवं अधिकारी परिषद