
जयपुर। जेडीए एक ओर नई आवासीय योजनाएं लेकर आ रहा है वहीं लोगों को घर खरीदने से पहले सावधान भी कर रहा है। इसके लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर कह रहा है कि सपनों का घर खरीदते समय सावधानी बरतें। ताकि, ये घर कहीं धोखा न बन जाए।
अपंजीकृत सोसाइटी या कमिटमेंट पर भरोसा करने से पहले यह चांस लें कि प्रोजेक्ट को सरकार से मान्यता प्राप्त है या नहीं। अन्यथा आपका पैसा और सपने दोनों ही खतरे में पड़ सकते हैं। वहीं, प्रवर्तन शाखा की मानें तो बीते दो वर्ष की बात करें तो 500 से अधिक कॉलोनियों पर जेडीए ने पीला पंजा चलाया है। हालांकि इनमें से कई कॉलोनियां सृजित भी हो गईं।
शहर के बाहरी इलाकों खासकर आगरा रोड, जामडोली, खोह नागोरियान, जयसिंहपुरा खोर में अवैध रूप से कॉलोनियां सृजित की जा रही हैं। यहां जमीन के भाव 15 हजार से 30 हजार रुपए वर्ग गज हैं। जबकि, अनुमोदित कॉलोनियों में भाव 27 हजार से 35 हजार रुपए वर्ग गज के हैं। हालांकि, इन कॉलोनियों में सड़क, सीवरेज से लेकर विद्युत लाइन आदि सुविधाएं विकसित की जाती हैं।
भूखंड या फिर डुप्लेक्स खरीदते समय ध्यान रखें कि प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत है या नहीं। जेडीए से स्वीकृत नक्शे के अनुरूप निर्माण किया जा रहा है या नहीं।
बाहरी इलाकों में सोसाइटी मौजूदा और बैक डेट में पट्टे जारी करती है। कई लोग अवैध कॉलोनी सृजित करते हैं। ये लोग ग्राहकों को आश्वस्त करते हैं कि कोई कार्रवाई नहीं होगी मैं हूं न।
अवैध कॉलोनियां सृजित होने पर कार्रवाई भी करते हैं। लोग पड़ताल के बाद निवेश करें। सोशल मीडिया पर भी जागरूक किया जा रहा है।
-कैलाश विश्नोई, पुलिस महानिरीक्षक
Updated on:
26 Apr 2025 08:28 am
Published on:
26 Apr 2025 08:28 am
