
जेट एयरवेज की फ्लाइट में कान-नाक से बहा था खून, अब सामने आई चौंकाने वाली बात
जयपुर। मुंबई से गुरुवार सुबह 5:55 बजे जयपुर के लिए उड़ान भरने वाले जेट एयरवेज के विमान (Jet Airways flight 9W-697) में विमानकर्मियों की लापरवाही से हड़कंप मच गया। विमान में 166 यात्री और 5 विमानकर्मी सवार थे।
दरअसल, विमानकर्मी विमान का दबाव नियंत्रित करने वाला ब्लीड स्विच दबाना ही भूल गए थे। इससे ऊंचाई पर पहुंचते ही विमान के भीतर वायुदाब कम हो गया और 30 लोगों के नाक-कान से खून बहने लगा। कुछ को सिर दर्द होने लगा।
इसके बाद करीब 5 यात्रियों को इलाज के लिए सिटी अस्पताल भेजा गया। इन्हीं पांच में से एक जेट एयरवेज के यात्री ने एयरलाइन से 30 लाख रुपए का मुआवजा तथा 100 अपग्रेड वाउचर्स की मांग की है।
वो 40 मिनट यात्रियों के लिए दुखदायी रहे
वो 40 मिनट यात्रियों के लिए दुखदायी रहे। शायद ऐसा पहली बार हुआ है, जिसमें क्रू मेंबर्स कुछ बोल नहीं रहे थे। मेरे सामने बैठी बुजुर्ग महिला अंगुलियों से कान को दबा रही थी। मेरे भी कान में तेज दर्द होने लगा। तभी एक महिला चिल्लाई, आखिर हमें कोई कुछ बता क्यों नहीं रहा? पास में बैठे यात्री की नाक से खून बहने लगा। उन्होंने एयरहोस्टेस को टिश्यू के लिए इशारा किया, पर उसने ध्यान नहीं दिया।
- प्रशांत शर्मा, प्राइवेट जॉब
क्रू मेंबर एयर प्रेशर का बटन दबाना भूल गए
कू्र मेंबर एयर प्रेशर का बटन दबाना भूल गए। विमान उड़ा और दस मिनट बाद यात्रियों को परेशानी होने लगी। केबिन कू्र को बुलाया तो कोई नहीं आया। लैंडिंग के दौरान ऑक्सीजन का फ्लो बढ़ा, तब पायलट ने सबको सिर नीचे रखने को कहा। जब नीचे कू्र मेंबर से पूछा कि आप हमें किसी बात का जवाब क्यों नहीं दे रहे हो, तो उनमें से एक ने कहा कि हमें सिखाया गया है कि पहले खुद की सुरक्षा जरूरी है, बाद में यात्रियों की।
-अजय त्रिवेदी, सिस्टम इंटीग्रेटर
विमान में एेसा माहौल पहले कभी नहीं देखा
फ्लाइट का ऐसा माहौल पहले मैंने कभी नहीं देखा। जब सांस लेने में परेशानी होने लगी, तब पता चला कि कुछ न कुछ गड़बड़ हुई है। हर कोई डरा सहमा था। विमान में खामोशी छा गई। लेकिन कू्र मेंबर्स ने कोई अनाउंसमेंट नहीं किया कि आखिर क्या करना है। प्रेशर बढऩे के साथ ही कुछ लोगों को ब्लीडिंग होने लगी। कान में दर्द होने लगा। जब मुंहमें सिखाया है, पहले खुद की सुरक्षा जरूरी हैबई फ्लाइट लैंड हुई तब राहत की सांस ली और जान में जान आई।
-शैली
हमें सिखाया है पहले खुद की सुरक्षा जरूरी है
20-25 मिनट बाद एक यात्री उठने लगा, तब एयर होस्टेस ने घोषणा कि हम फ्लाइट मुंबई में लैंड करवा रहे हैं। जब मुंबई फ्लाइट लैंड की तो वहां यात्रियों के लिए जेट एयरवेज प्रशासन ने खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं कर रखी थी। डायबिटीज के मरीजों की तबीयत खराब होने लगी। एयरलाइंस में इस तरह की घटना और उसके बाद लापरवाही पर उड्डयन विभाग को सख्त कार्यवाही करनी चाहिए।
-संजय काला, प्रेसिडेंट, ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर
Updated on:
21 Sept 2018 08:56 am
Published on:
21 Sept 2018 08:54 am
