
Ex IAS Subodh Agrawal
राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी मछली को जाल में फँसाया है। 1988 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी और पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल को एसीबी की टीम ने गुरुवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया, जिसके बाद शुक्रवार को उन्हें जयपुर के मिनी सचिवालय स्थित एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में भारी गहमागहमी के बीच सुबोध अग्रवाल ने मीडिया के सवालों पर केवल इतना कहा, "मेरे वकील आपको सब बताएँगे।"
जल जीवन मिशन घोटाला मामले में रिटायर्ड IAS ऑफिसर सुबोध अग्रवाल को 3 दिन की ACB रिमांड पर भेजा गया। सुबोध अग्रवाल के वकील अमित सिंह ने बताया, "ACB ने 5 दिन की पुलिस अभिरक्षा मांगी थी। कोर्ट ने उन्हें 3 दिन की पुलिस अभिरक्षा मंजूर है। 13 तारीख को उन्हें फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा। आज कोर्ट में उनके कानूनी अधिकारों पर हमने बहस की है। "
सुबोध अग्रवाल जल जीवन मिशन घोटाले में लंबे समय से फरार चल रहे थे। उनके खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी था और फरवरी 2024 में उनके खिलाफ 'लुक आउट नोटिस' भी जारी किया गया था। एसीबी की टीम ने उनकी लोकेशन ट्रैक की और आखिरकार दिल्ली से उन्हें दबोच लिया। एसीबी डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
यह पूरा मामला घर-घर नल से जल पहुँचाने वाली केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना 'जल जीवन मिशन' में बड़े स्तर पर हुई धांधली से जुड़ा है:
एसीबी ने इस घोटाले की जांच साल 2024 में शुरू की थी। एसीबी के महानिदेशक (DG) गोविंद गुप्ता के अनुसार 17 फरवरी को प्रदेश सहित दिल्ली, बिहार और झारखंड के 15 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इसी दिन जलदाय विभाग के 9 अधिकारियों को भी गिरफ्त में लिया गया था। सुबोध अग्रवाल इस पूरे मामले के 10वें गिरफ्तार आरोपी हैं, जबकि 3 अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।
सुबोध अग्रवाल राजस्थान कैडर के बेहद ताकतवर अधिकारी माने जाते थे। वे 31 दिसंबर 2025 को ही रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के महज कुछ महीनों के भीतर ही भ्रष्टाचार के मामले में उनकी गिरफ्तारी ने राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारियों के बीच खलबली मचा दी है।
Updated on:
10 Apr 2026 04:35 pm
Published on:
10 Apr 2026 01:33 pm
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