
JLF 2024 : जेएलएफ के पहले दिन राजस्थान पत्रिका की ओर से प्रायोजित सत्र ‘द परफ्यूम प्रोजेक्ट: जर्नी थ्रो इंडियन फ्रेगरेंस’ सेशन में डिविरीना ढींगरा की किताब पर जॉन जुब्रजीकी ने बात की।
दिवरीना ने बताया कि भारत में 18500 प्रकार की खुशबुएं फूलों, पौधों व अन्य चीजों से तैयार की जाती है। फ्रांस भारतीय परफ्यूम का सबसे बड़ा आयातक देश है। ऑस्ट्रेलिया में अपनी पढ़ाई पूरी करते हुए वे खुशबुओं के संसार की ओर आकर्षित हुई, वहां से मुंबई होते, साउथ इंडिया के जंगलों को खंगाला। वहां से असम होते कश्मीर के जाफरान के खेतों तक पहुंची। दिवरीना बताती हैं कि कश्मीर में जब केसर के बैंगनी खेत देखे तो यह किसी कौतूहल जैसा था। लेकिन अफसोस कि साल दर साल इसकी खेती कम होती जा रही है। पर्यावरण लगातार होते परिवर्तन ने इस व्यापार पर बड़ा असर डाला है।
दिवरीना बताती हैं कि रामायण और ऋग्वेद में भी सुगंध का अपना महत्व बताया गया है। इनमें खासकर चंदन का जिक्र आता है, इसीलिए चंदन को पवित्र माना गया है। वहीं देश में परफ्यूम की कई खुशबुओं का इजाद मुगल काल में हुआ।
सेशन: द परफ्यूम प्रोजेक्ट: जर्नीज थ्रू इंडियन फ्रेगरेंस
स्पीकर: डिविरीना ढींगरा, जॉन जुब्रजीकी वैन्यू: बैठक
Updated on:
02 Feb 2024 10:49 am
Published on:
02 Feb 2024 10:35 am
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