
जयपुर।
राजस्थान में चुनावी सरगर्मियों के बीच स्वाइन फ़्लू पूरे प्रदेश में पांव पसार चुका है। सरकार और उसके चिकित्सा महकमें के तमाम दावों को दरकिनार करते हुए स्वाइन फ़्लू न सिर्फ 'आम' बल्कि 'ख़ास' को भी अपना शिकार बना रहा है। प्रदेश के एक जिला कलेक्टर भी अब इसकी चपेट में आ गए हैं। ताज़ा खबर के मुताबिक जोधपुर कलेक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर को भी स्वाइन फ़्लू की पुष्टि हुई है।
जानकारी के अनुसार अस्पताल के चिकित्सकों ने उन्हें स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए एंटी वायरल टेमीफ्लू की दवा दी है। शनिवार को कलक्टर डॉ. रवि कुमार सुरपुर बुखार व जुकाम की चपेट में आ गए। क्योंकि वे खुद डॉक्टर है, इसलिए उन्हें स्वाइन फ्लू का संदेह हुआ तो उन्होंने एक निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अरूण माथुर से परामर्श लिया। स्वाइन फ्लू के लक्षणों के आधार पर अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच करवाई गई।
पीसीआर मैथड से हुई जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आई। इसके बाद चिकित्सक ने कलक्टर को एंटीवायरल टेमीफ्लू दवा दी। कलक्टर दो दिन से इलाज ले रहे हैं। अस्पताल के संचालक डॉ. आनंद गोयल ने बताया कि कलक्टर की रिपोर्ट स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आई है। उपचार के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार है।
इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. सुनील कुमार बिस्ट ने बताया कि जब तक मेडिकल कॉलेज से एलाइजा टेस्ट नहीं हो जाता, तब तक स्वाइन फ्लू पॉजीटिव नहीं मान सकते। उन्होंने कहा कि डॉ. सुरपुर को बुखार व जुकाम है। एहतियातन टेमी फ्लू एवं एंटीबायोटिक दी गई है। कलक्टर निवास व ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों को भी एंटीवायरल दवा दी गई है।
स्वाइन फ़्लू नियंत्रण का था ज़िम्मा
ज़िले में स्वाइन फ़्लू सहित अन्य मौसमी बीमारियों पर नियंत्रण रखने की ज़िम्मेदारी जिला कलेक्टर की ही रहती है। समय-समय पर चिकित्सा विभाग और नगर निगम सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीयों के साथ बैठकें करना, पत्राचार और अन्य साधनों के ज़रिये तालमेल बैठाना कलक्टर के अधिकार क्षेत्र में ही आता है। लिहाज़ा जोधपुर कलेक्टर डॉक्टर सुरपुर के पास भी ये अहम् ज़िम्मेदारियाँ हैं। लेकिन अब वे खुद ही इस 'खतरनाक' बीमारी की चपेट में आ गए हैं। स्वाइन फ़्लू के वायरस ने उन्हें ही अपना शिकार बना लिया है।
मसूरिया पहुंचा स्वाइन फ्लू
जोधपुर शहर के बीजेएस, नांदड़ी, उम्मेद चौक के बाद अब मसूरिया में भी स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। सोमवार को मसूरिया क्षेत्र की एक महिला की रिपोर्ट स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आई है। यह महिला पांच दिन से एमडीएम अस्पताल में भर्ती है। यह बुखार व जुकाम से पीडि़त है। अस्पताल ने पहले डेंगू की जांच भी करवाई, लेकिन वह नेगेटिव आई। इसके बाद सोमवार को मेडिकल कॉलेज में महिला का स्वाइन फ्लू टेस्ट करवाया गया। जिसकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई।
चित्तौड़गढ़ः निंबाहेड़ा के गादोला में व्यक्ति की स्वाइन फ्लू से मौत
चित्तौड़गढ़ के निंबाहेड़ा में बिते दिनों स्वाइन फ्लू का कहर देखने को मिला है। गादोला के 42 वर्षीय व्यक्ति की स्वाइन फ्लू से मौत को का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार स्वाइन फ़्लू के इस मरीज़ ने उदयपुर चिकित्सालय में इलाज के दौरान दम तोडा है।
कोटाः स्वाइन फ्लू से एक और मरीज की मौत
कोटा सम्भाग में भी स्वाइन फ्लू का कहर नहीं थम रहा है। यहां भी पिछले दिनों स्वाइन फ्लू से शिवपुरी निवासी फरजाना ने एमबीएस अस्पताल दम तोड़ दिया। फरज़ाना 16 अक्टूबर को भर्ती हुई थी, जिसे 17 को पॉजिटिव पाया गया था। स्वाइन फ़्लू कोटा सम्भाग में अबतक 3 दर्जन से ज्यादा जान ले चुका है।
इधर, चिकित्सा विभाग के बोल- 'स्वाइन फ्लू से इस बार कम लोग मरे'
चिकित्सा विभाग प्रदेश में मौसमी बीमारियों से मौतों के बीच अब आंकड़ों की पिछले साल से तुलना कर अपनी पीठ थपथपाने में जुटा है। मीडिया को बताए गए विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल जनवरी से सितंबर तक इस साल की तुलना में स्वाइन फ्लू और डेंगूू से प्रदेश में मौसमी बीमारियों का प्रकोप कम रहा और मौतें भी कम हुई। विभाग ने इस साल जनवरी से सितंबर अंत तक के आंकड़ों से पिछले साल की तुलना की है। जिसके अनुसार गत वर्ष इस अवधि में स्वाइन फ्लू से 224 मौतें हुई थी। जबकि इस वर्ष यह संख्या सितंबर तक 169 रही। हालांकि विभागीय वेबसाइट के अनुसार 22 अक्टूबर तक स्वाइन फ्लू से 198 मौतें हो चुकी है।
विभाग के अनुसार पिछले साल डेंगू से जनवरी से सितंबर तक 14 मौत हुई। जो इस बार 5 ही है। विभाग के अनुसार इन तीनों बीमारियों से पिछले साल की तुलना में जनवरी से सितंबर तक कम लोगों की मौत हुई और कम ही पॉजीटिव पाए गए। पिछले साल सितंबर तक स्वाइन फ्लू और डेंगू से प्रदेश में 238 मौते हुई थी।
इस साल प्रदेश में स्क्रब टाइफस से 30 मौतें होना बताया गया है। स्वाइन फ्लू से पिछले साल 224 मौतें हुई थी इस साल सितंबर तक 169 मौतें स्वाइन फ्लू से इस साल अब तक 198 मौतें हो चुकी है डेंगू से पिछले साल 14 मौतें हुई थी इस साल अब तक 5 मौतें हुई है। डेंगू उपचार हेतु पर्याप्त दवाईयां एवं रैपिड रेस्पोंस टीम प्रदेश में इस वर्ष अब तक 4506 डेंगू पॉजिटिव के मामले आये हैं। जबकि गत वर्ष इस अवधि में 5605 डेंगू पॉजिटिव पाए गये थे। इस वर्ष प्रदेश में अब तक 1677 व्यक्ति स्क्रब टाइफस एवं 228 व्यक्ति चिकनगुनिया पॉजिटिव पाए गए हैं। मलेरिया के कुल 4342 नमूने पॉजिटिव पाए गए हैं। इस वर्ष अब तक 20 हजार से अधिक स्वाइन फ्लू नमूनों की जांच में 1950 स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए गए हैं। इस वर्ष सितम्बर माह तक 1653 पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि पिछले वर्ष सितंबर माह तक 2832 पॉजिटिव पाए गए थे।
Published on:
30 Oct 2018 09:59 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
