
Rajasthan Paper Leak Case : स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा - 2020 पेपर लीक मामले में तीन सरकारी कर्मचारियों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में अब तक 24 आरोपी गिरफ्तार जा चुके हैं। शेष की तलाश जारी है। गिरफ्तार चौथे आरोपी का उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में चयन हो गया, लेकिन गिरफ्तारी के डर से ज्वाइन नहीं किया।
एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि दौसा के सालमपुर निवासी 50 हजार के इनामी पटवारी हर्षवर्धन कुमार मीणा, कालाडेरा के टाडावास निवासी राजेन्द्र कुमार यादव उर्फ राजू, खातीपुरा स्थित कुमावत कॉलोनी निवासी तृतीय श्रेणी शिक्षक राजेन्द्र कुमार यादव और श्रीगंगानगर के ठेठार निवासी लाइब्रेरियन शिवरतन मोट उर्फ शिवा शर्मा को गिरफ्तार किया। राजू का उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में 53वां नंबर आया था। उन्होंने कहा कि चारों आरोपियों के नकल कर सरकारी नौकरी में आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
एसआइटी बनने के बाद नेपाल भाग गए थे
एडीजी सिंह ने बताया कि पेपर लीक से संबंधित पुरानी फाइलों को अलग-अलग टीम खंगालने में जुटी है। एएसपी रामसिंह शेखावत व बजरंग सिंह शेखावत के संयुक्त रूप से कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा - 2020 पेपर लीक मामले में अनुसंधान किया जा रहा है। पड़ताल में सामने आया कि पटवारी हर्षवर्धन मुख्य आरोपी है और एसआइटी बनने के बाद नेपाल भाग गया। पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी और सोमवार को नेपाल-भारत बॉर्डर स्थित सरोली से वांटेड हर्षवर्धन व राजू को पकड़कर जयपुर लाया गया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि शहीद दिग्विजय सिंह सुमेल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक राजेन्द्र कुमार यादव ने परीक्षा से दो घंटे पहले पेपर बाहर निकाला था।
दो को किया कोर्ट में पेश, दो को आज करेंगे
एसओजी के अनुसंधान अधिकारी नियाज ने नेपाल बॉर्डर से पकड़े गए दोनों आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 2 मार्च तक एसओजी की रिमांड पर सौंपा है। जबकि मंगलवार को गिरफ्तार किए गए शिक्षक व लाईब्रेरियन को बुधवार को कोर्ट में पेश करेगी। आरोपियों से परीक्षा से पहले पेपर किस-किस को दिया और गिरोह में कौन लोग शामिल है।
मात्र 3 माह दूसरी स्कूल में रहा शिक्षक
टीम ने मंगलवार को शिक्षक राजेन्द्र कुमार यादव ने पूछताछ में बताया कि वह खातीपुरा स्थित सरकारी स्कूल में वर्ष 2000 से है और वर्ष 2010 में 3 माह के लिए मुरलीपुरा सरकारी स्कूल तीन माह के लिए तबादला हुआ था, लेकिन उसने वापस उसी पुरानी स्कूल में तबादला करवा लिया। एसआइटी को आरोपियों द्वारा कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक करने आशंका है।
Updated on:
21 Feb 2024 11:15 am
Published on:
21 Feb 2024 09:38 am
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