
सिलेंडर के लिए आवेदन की कतार (फोटो- पत्रिका)
Jaipur LPG Crisis: जयपुर: अक्षय तृतीया पर 19 अप्रैल को अबूझ सावे में सात फेरों की तैयारियां गैस सिलेंडर पाने की तैयारियों तक सिमट गई है। शादी वाले परिवार अब मिठाई और मेहमानों की गिनती से ज्यादा सिलेंडरों की गिनती कर रहे हैं कि कितने सिलेंडर जुटा पाए?
अबूझ सावे पर शहर में करीब 4 से 5 हजार शादियां होंगी। लेकिन दूल्हा-दुल्हन से ज्यादा चर्चा सिलेंडरों की हो रही है। मिठाई कम, मेहमान कम, कार्यक्रम कम-सब कुछ गैस की कमी का असर। केटरर्स ने साफ कह दिया है कि सिलेंडर लाओ, तभी भोजन पाओ। रिश्तेदारों से सिलेंडर उधार लेने तक की नौबत आ गई है।
बुधवार को जिला रसद अधिकारी कार्यालय में कई परिवार सिलेंडर की जद्दोजहद करते नजर आए। उनका कहना था कि सिलेंडर न मिलने से मेहमानों की संख्या घटानी पड़ी है और लेडीज संगीत, भात जैसे कार्यक्रम निरस्त करने पड़े हैं। मैरिज गार्डन को 70 फीसदी कोटा तय होने के बावजूद केटरर्स को व्यावसायिक सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं।
परिवारों ने बताया कि पहले 1500 से 2000 मेहमानों के लिए दावत की तैयारी थी। लेकिन अब केवल शादी के दिन ही मेहमान बुलाए जाएंगे। मिठाई भी पांच की जगह दो ही परोसी जाएगी और चाट स्टॉल आठ-दस से घटाकर दो-तीन ही लगाए जाएंगे। रिश्तेदारों से सिलेंडर उधार लेने तक की नौबत आ गई है।
सिलेंडर संकट ने शादी की पूरी तैयारियां बदल दी हैं। तीन सिलेंडर से काम नहीं चलेगा। अब सीमित संसाधनों में ही मेहमानों को दावत दी जाएगी। लेडीज संगीत और भात जैसे अलग-अलग कार्यक्रमों की जगह शादी के दिन ही मेहमानों को खाना खिलाने की योजना है। पांच की जगह दो मिठाई बनाई जाएगी और स्टॉल की संख्या भी कम रखी जाएगी।
-भवानी मीणा, मुरलीपुरा निवासी
19 अप्रैल को शादी है और अब केटरर्स ने साफ कह दिया है कि सिलेंडर की व्यवस्था होने पर ही मेहमानों की संख्या के अनुसार खाना बनाया जाएगा। तीन सिलेंडर से काम नहीं चलने वाला है। मेहमानों की संख्या आधी कर दी है और व्यंजन भी कम किए हैं।
-नंसूलाल, हरमाडा निवासी
Updated on:
16 Apr 2026, 9:22 AM IST
Published on:
16 Apr 2026, 9:22 AM IST
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