
पुलिस की गिरफ्त में पकड़ गए बदमाश (फोटो-पत्रिका)
जयपुर। नागपुर की कुख्यात 'कामटी गैंग' का जयपुर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गैंग के लोग 'सिद्ध पुरुष' या 'माता का भक्त' बनकर लोगों को अनहोनी का डर दिखाते थे, फिर उनसे जेवर उतरवाकर चंपत हो जाते थे। हाल ही में गैंग ने माणक चौक इलाके में वारदात की थी। पुलिस ने गैंग के पांच शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अब गैंग से जुड़े अन्य बदमाशों का पता लगा रही है। यह गिरोह धार्मिक आस्था और डर का फायदा उठाकर लोगों को सम्मोहित करता और पलक झपकते ही कीमती गहने लेकर भाग जाता था। आरोपियों ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित कई अन्य राज्यों में वारदात की हैं।
डीसीपी (नॉर्थ) करण शर्मा ने बताया कि इस गैंग की कार्यप्रणाली बेहद शातिर है। गिरोह भीड़भाड़ वाले इलाकों में अकेले जा रहे व्यक्ति या कीमती जेवर पहने लोगों को चुनता है। आरोपी खुद को सिद्ध पुजारी बताकर पीड़ित को रोकते हैं और उसके परिवार पर भारी संकट या 'पितृ दोष' होने का डर दिखाते हैं।
पूजा के बहाने पीड़ित से अंगूठी, चेन या घड़ी उतरवाकर एक रुमाल में रखवाते हैं। इसी दौरान उसे कोई नशीला पदार्थ सुंघा दिया जाता है या 'आंखें बंद कर 10 कदम चलने' को कहा जाता है। जब तक पीड़ित की आंखें खुलती हैं, आरोपी गायब हो चुके होते हैं। आरोपी अपनी लग्जरी कार दूर खड़ी करते हैं और वारदात स्थल तक ऑटो से पहुंचते हैं ताकि पुलिस सीसीटीवी में गाड़ी नंबर न पकड़ सके।
एडीसीपी नीरज पाठक ने बताया कि 19 जनवरी को माणकचौक में हुई वारदात के बाद पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी खंगाले। दो अप्रेल को जब यह गैंग दोबारा जयपुर में वारदात कर भाग रही थी, तब पुलिस ने दूदू और विद्याधर नगर में घेराबंदी कर महाराष्ट्र निवासी जाबिर अली, जाफर जैदी, अली रजा, अली नकी और शेख अरबाज को दबोच लिया।
आरोपी जाबिर के खिलाफ 9, जाफर के खिलाफ 2, अली रजा के खिलाफ 5 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनके पास से वारदात में प्रयुक्त कार और चांदी की 79 अंगूठियां बरामद की गई हैं।
Published on:
03 Apr 2026 09:27 pm
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