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Rajasthan Politics: कृषि मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले किरोड़ी लाल मीणा करीब तीन माह बाद रविवार को सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री कार्यालय हुई कैबिनेट की बैठक में पहुंचे। वे लम्बे समय से कैबिनेट बैठक में नहीं आ रहे थे। बता दें इस्तीफा देने के करीब 3 महीने बाद किरोड़ी लाल मीणा रविवार को कैबिनेट की बैठक में शामिल हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार कैबिनेट की बैठक में किरोड़ी लाल मीणा ने सबसे पहले सब इंस्पेक्टर भर्ती रद्द करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भर्ती में कई गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं। इसलिए इस भर्ती को रद्द करना चाहिए। इससे पहले किरोड़ीलाल मीणा SOG के चीफ वीके सिंह से भी मुलाकात करके इस मुद्दे पर अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और गृह राज्यमंत्री से भी मुलाकात करके एसआई भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग की है। अब मीणा ने कैबिनेट की बैठक में भाग लेकर फिर से एक नया सियासी दांव चला है।
इसके अलावा किरोड़ी लाल मीणा ने सूचना एवं प्रोद्योगिकी विभाग (DOIT) में पिछली सरकार के समय के मामलों को भी बैठक में उठाया और कहा कि डीओआइटी में जिन अफसरों ने घोटाले किए हैं, उन पर एफआइआर दर्ज होनी चाहिए। मालूम हो कि DOIT टेंडर घोटाले को लेकर किरोड़ी लाल मीणा ने पिछले दिनों गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म से मुलाकत कर FIR दर्ज करने की मांग की थी।
कैबिनेट बैठक में किरोड़ी लाल मीणा ने नए जिलों का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा कई मंत्रियों ने भी नए जिलों पर फैसला करने को लेकर सीएम से चर्चा की। मंत्रियों का कहना था कि नए जिलों पर जल्द ही फैसला लेना चाहिए। किरोड़ीलाल मीणा ने तबादलों पर से भी प्रतिबंध हटाने की मांग उठाई। किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि तबादले खोले जाने चाहिए। अन्य मंत्रियों ने भी किरोड़ी की हां में हां मिलाई।
किरोड़ी लाल मीणा ने जमीन आवंटन को लेकर भी सवाल उठाए और एक उद्योगपति को ही को जमीन देने पर आपत्ति जताई। इस पर कैबिनेट में ही अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि एक को ही नहीं, कई उद्योगपतियों को जमीन आवंटन किया जा रहा है। बता दें पिछले दिनों किरोड़ी लाल मीणा ने कई मुद्दों को लेकर अलग-अलग मंत्रियों से मुलाकात भी की थी।
कैबिनेट बैठक के बाद उन्होंन एक इंटरव्यू में कहा कि, "मैंने सरकारी गाड़ी नहीं ली है, मैं सरकारी गाड़ी से गया भी नहीं था, मैं मेरी ही गाड़ी से गया था, सचिवालय के बाहर के दरवाजे पर मेरी गाड़ी रुक गई थी, कैबिनेट बैठक के बाद सरकारी गाड़ी मुझे मेरी प्राइवेट गाड़ी तक छोड़ने आई थी।" बता दें किरोड़ी लाल मीणा सचिवालय में अपनी प्राइवेट गाड़ी से कैबिनेट की बैठक में भाग लेने पहुंचे थे। इसके बाद सचिवालय के मेन गेट तक उनको सरकारी गाड़ी ने छोड़ा। फिर वो अपनी टीम के साथ प्राइवेट गाड़ी से निकल गए। दरअसल, लोकसभा चुनाव के बाद किरोड़ी लाल मीणा ने सरकारी गाड़ी लौटा दी थी और दफ्तर जाना भी बंद कर दिया था।
बताया जा रहा है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की ओर से लगातार किए जा प्रयासों के बाद किरोड़ी लाल कैबिनेट बैठक में पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक मदन राठौड़ ने किरोड़ी लाल मीणा को कैबिनेट बैठक में आने के लिए दो दिन पहले ही मना लिया था। राठौड़ ने किरोड़ी लाल से कहा था कि आपके जो भी मुद्दे हैं कैबिनेट बैठक में रखिए, इसी वजह से उन्होंने मीटिंग में भाग लिया।
गौरतलब है कि किरोड़ी लाल मीणा ने लोकसभा चुनाव के बाद मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान एक सभा में कहा था कि दौसा लोकसभा सीट सहित 7 सीटों कि जिम्मेदारी उन्हें मिली है, इनमें किसी पर भी हारे तो वह मंत्री पद छोड़ देंगे। फिर चुनाव के नतीजों में उन 7 सीटों में से 5 सीटों पर हार हुई थी। इसके बाद उन्होंने 4 जुलाई को एक धार्मिक कार्यक्रम में भजनलाल सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा देने की जानकारी सार्वजनिक की थी।
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Updated on:
30 Sep 2024, 9:59 AM IST
Published on:
30 Sep 2024, 9:13 AM IST
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