
जयपुर।
लोकसभा चुनाव 201 Lok Sabha Election 2019 2019 ) से ठीक पहले राजस्थान में राजनीतिक सरगर्मियां परवान पर हैं। सियासत के बड़े चहरे एक पार्टी का दामन छोड़ दूसरे का दामन थाम रहे हैं। कई वर्षों तक भाजपा के साथ रहे घनश्याम तिवाड़ी ने कांग्रेस ज्वाइन की तो वहीं हनुमान बेनीवाल ने भी भाजपा के साथ एक सीट के लिए गठबंधन करने का कदम उठाया। तिवाड़ी और बेनीवाल के बाद अब गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसल? Gujjar leader Kirori Singh Bainsla nsla ) भी भाजपा में शामिल हो गए। बैंसला के साथ उनके बेटे विजय बैंसला ने भी भाजपा ज्वाइन कर ली।
नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में बैंसला और उनके बेटे की भाजपा में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा की गई। राजस्थान में भाजपा के चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बैंसला और उनके बेटे की मौजूदगी में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए इन दोनों का पार्टी में स्वागत किया। गौरतलब है कि किरोड़ी बैंसला 2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर टोंक-सवाईमाधोपुर से चुनाव लड़ चुके हैं और बहुत कम अंतर से चुनाव हारे थे।
बेटी को चुनाव लड़वाना चाह रहे थे बैंसला !
लोकसभा टिकटों को लेकर मचे घमासान के बीच गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला के उनकी पुत्री सुनीता बैंसला के चुनाव लडऩे की चर्चाओं ने पिछले दिनों ज़ोर पकड़ा था। दरअसल, भाजपा ने अपने पैनल में सुनीता का नाम भी शामिल किया था। सुनीता इंडियन रेवेन्यू सर्विसेज की अफसर हैं और वर्तमान में दिल्ली में कार्यरत हैं। माना जा रहा है कि पार्टी गुर्जरों को अपने पक्ष में करने के लिए बैंसला परिवार की मदद ले सकती है।
सूत्रों के मुताबिक टिकट पाने की मंशा से सुनीता बैंसला की राजस्थान भाजपा के चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर से भी मुलाक़ात हो चुकी थी। वहीं चर्चा ये भी थी कि बैंसला की अमित शाह से भी मुलाकात हो चुकी है। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। इसी तरह से प्रदेश कोर कमेटी की दो बार हुई बैठक में भी सुनीता बैंसला को लेकर चर्चा हुई। सुनीता बैंसला के नाम पर चर्चा पहले अजमेर से हुई थी और इस बार उनका नाम टोंक-सवाईमाधोपुर से आया। लेकिन इन दोनों सीटों पर पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया।
Published on:
10 Apr 2019 11:50 am
