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जानिए देश की पहली महिला शहीद राजस्थान की बेटी के साहस और बलिदान के बारे में

किरण शेखावत ने महज 27 साल की छोटी सी उम्र में देश की रक्षा के लिए अपनी जान का बलिदान कर दिया

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rajasthan daughter

जयपुर . राजस्थान को वीरो की भूमि कहा जाता है, राजस्थान की भूमि पर बड़े-बड़े योद्धाओ ने अपनी लड़ाई लड़ी है। आज भी जब वीरता और साहस की बात आती है तो राजस्थान का नाम सबसे पहले लोगो के जहन में आता है। इतना ही नहीं राजस्थान के झुंझुनूं जिले ने ही देश को सबसे ज्यादा सैनिक दिए है। इतना ही नहीं यहां की बेटियां भी देश की रक्षा के लिए समर्पित है। देश की पहली महिला शहीद अधिकारी किरण शेखावत भी राजस्थान की ही बेटी थी। जिनका विमान 24 मार्च 2015 की रात को गोवा में डॉर्नियर निगरानी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

किरण शेखावत ने महज 27 साल की छोटी सी उम्र में देश की रक्षा के लिए अपनी जान का बलिदान कर दिया। किरण का जन्म 1988 में झुंझुन जिले के सेफरागुवार गाँव में हुआ। किरण ने शहादत से पांच साल पहले भारतीय नौसेना में जॉइन की थी। किरण की शादी हरियाणा के मेवात के कुथरला गांव के रहने वाले विवेक सिंह छोकर से हुई।किरण के पति विवेक भी भारतीय नौसना में लेफ्टिनेंट के पद पर कार्यरत हैं। किरण का सेना से करीबी नाता रहा है, किरण के पिता विजेन्द्र सिंह शेखावत और उनके ससुर श्रीचंद भी सेना में अपनी सेवाए दे चुके हैं।

किरण की इस बहादुरी पर ना सिर्फ राजस्थान बल्कि पूरे देश को देश को गर्व है। वर्ष 2015 में गणतंत्र दिवस की परेड में किरण ने राजपथ पर नौसना की महिला टुकड़ी का नेतृत्व कर पूरे राजस्थान का नाम देशभर में रोशन किया था।

किरण की शहादत को सलाम करने के लिए हर वर्ष उनके गाँव के स्कूल में उनकी पुण्यतिथि मनाई जाती है। राजस्थान की बेटी किरण शेखावत देश ने देश की पहली महिला शहीद बनकर महिलाओं को भी देश की रक्षा के लिए आएगी आने का सन्देश दिया है। किरण सेना में जानें की इच्छा रखने वाली लड़कियों के लिए एक बड़ी मिसाल बनी हैजयपुर. राजस्थान को वीरो की भूमि कहा जाता है, राजस्थान की भूमि पर बड़े-बड़े योद्धाओ ने अपनी लड़ाई लड़ी है। आज भी जब वीरता और साहस की बात आती है तो राजस्थान का नाम सबसे फेल लोगो के जहन में आता है। इतना ही नहीं राजस्थान के झुंझुनूं जिले ने ही देश को सबसे ज्यादा सैनिक दिए है। इतना ही नहीं यहां की बेटियां भी देश की रक्षा के लिए समर्पित है। देश की पहली महिला शहीद अधिकारी किरण शेखावत भी राजस्थान की ही बेटी थी। जिनका विमान 24 मार्च 2015 की रात को गोवा में डॉर्नियर निगरानी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

किरण शेखावत ने महज 27 साल की छोटी सी उम्र में देश की रक्षा के लिए अपनी जान का बलिदान कर दिया। किरण का जन्म 1988 में झुंझुन जिले के सेफरागुवार गाँव में हुआ। किरण ने शहादत से पांच साल पहले भारतीय नौसेना में जॉइन की थी। किरण की शादी हरियाणा के मेवात के कुथरला गांव के रहने वाले विवेक सिंह छोकर से हुई।किरण के पति विवेक भी भारतीय नौसना में लेफ्टिनेंट के पद पर कार्यरत हैं। किरण का सेना से करीबी नाता रहा है, किरण के पिता विजेन्द्र सिंह शेखावत और उनके ससुर श्रीचंद भी सेना में अपनी सेवाए दे चुके हैं।

किरण की इस बहादुरी पर ना सिर्फ राजस्थान बल्कि पूरे देश को देश को गर्व है। वर्ष 2015 में गणतंत्र दिवस की परेड में किरण ने राजपथ पर नौसना की महिला टुकड़ी का नेतृत्व कर पूरे राजस्थान का नाम देशभर में रोशन किया था।

किरण की शहादत को सलाम करने के लिए हर वर्ष उनके गाँव के स्कूल में उनकी पुण्यतिथि मनाई जाती है। राजस्थान की बेटी किरण शेखावत देश ने देश की पहली महिला शहीद बनकर महिलाओं को भी देश की रक्षा के लिए आएगी आने का सन्देश दिया है।