
जयपुर। अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं तो आपने इस बात पर जरूर गौर किया होगा। किसी भी रेलवे स्टेशन का नाम हमेशा पीले रंग के साइनबोर्ड पर लिखा होता है। देश में 8 हजार से ज्यादा रेलवे स्टेशन हैं, जहां से रोजाना 20 हजार से ज्यादा ट्रेनें निकलती हैं और करोड़ों लोग रोजाना इनसे सफर करते हैं। भारतीय रेलवे दुनिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क माना जाता है। पीला रंग बहुत चमकीला होता है जो दूर से ही ट्रेन के ड्राइवर को दिखाई देता है। साथ ही इस रंग को बारिश, कोहरे या धुंध में भी पहचाना जा सकता है। लाल रंग के बाद पीला रंग बहुत चमकीला होता है। पीला रंग मुख्य रूप से सूर्य के तेज प्रकाश पर आधारित होता है। पीले रंग का खुशी, बुद्धि और ऊर्जा से सीधा संबंध है।
लाल रंग खतरे का प्रतीक होने के कारण साइनबोर्ड पर इसका प्रयोग नहीं किया जाता है। लाल रंग सड़कों के अलावा रेल यातायात में भी खतरे के संकेत के रूप में प्रयोग किया जाता है। वाहन के पिछले हिस्से में एक लाल बत्ती भी लगाई जाती है ताकि पीछे से आने वाले अन्य वाहन उससे दूर चले। वहीं पीला रंग आंखों को राहत देता है। पीले रंग के ये साइन बोर्ड भीड़भाड़ वाली जगहों पर ध्यान खींचता हैं। रेलवे स्टेशनों पर पीले बोर्ड पर केवल काले रंग से ही लिखा जाता हैं। क्योंकि पीले रंग पर काले रंग के ही अक्षर ही सबसे ज्यादा दूर तक दिखाई देते हैं। वहीं, पीला रंग दिन और रात दोनों समय साफ दिखाई देता है। इससे वाहन ड्राइवर दूर से ही देख लेते हैं और उन्हें ठहरने का सिग्नल मिल जाता है।
Updated on:
19 Dec 2022 04:41 pm
Published on:
19 Dec 2022 04:38 pm
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