
Lalita Shashti Vrat Vidhi Puja Vidhi
जयपुर. भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को ललिता षष्ठी पर्व मनाया जाता है। इस दिन शक्तिस्वरूपा देवी ललिता को समर्पित व्रत रखकर मां ललिता की पूजा की जाती है। स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने इस व्रत के बारे में बताते हुए इसे शुभ, सौभाग्यदायक एवं योग्य संतान को प्रदान करने वाला बताया है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि मां ललिता की आराधना करने से भोग के साथ ही मोक्ष की प्राप्ति भी होती है। मां ललिता की विधिपूर्वक पूजा करने वाले व्यक्ति को जीवित रहते ही सभी प्रकार की सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है। इस दिन ललिता माता की उपासना सुबह की जाती है। माता ललिता मां पार्वती का ही एक रूप है। इनका एक नाम तांत्रिक पार्वती भी है। माता ललिता को राजराजेश्वरी, मां षोडशी,त्रिपुरसुंदरी आदि नामों से भी जाना जाता है।
प्रातःकाल स्नान के बाद मां का श्रृंगार कर उनकी विधिवत पूजा करें। ललिता षष्ठी पर मां ललितासहस्रस्त्रोत का पाठ चमत्कारिक परिणाम देता है. इस पाठ से जीवन में सर्वसुख के साथ शांति का वरदान भी मिलता है। ललिता षष्ठी के दिन मां ललिता के साथ स्कंदमाता और भगवान शंकर की पूजा भी की जाती है।
Published on:
24 Aug 2020 08:39 am
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