
सरकारी स्कूलों में हिंदी भाषा को लेकर आया भाषायी सर्वेक्षण
जयपुर। राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् उदयपुर द्वारा आयोजित भाषायी सर्वेक्षण के अनुसार राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 1 में पढने वाले विद्यार्थियों में केवल 31 प्रतिशत विद्यार्थियों को शिक्षण के माध्यम की भाषा हिंदी की अच्छे से समझ है। जबकि केवल 8 प्रतिशत विद्यार्थी इसे अच्छे से बोल सकते हैं। यह सर्वेक्षण 9 जिलों में बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, पाली, प्रतापगढ़, राजसमंद, उदयपुर, सिरोही, और जयपुर में राजकीय विद्यालयों की कक्षा 1 में भाषायी स्थितियों को जानने के लिए किया गया। कक्षा में विद्यार्थियों की शिक्षण के माध्यम की भाषा को समझने और बोलने की दक्षता, शिक्षकों की विद्यार्थियों की मातृभाषाओं को समझने और बोलने की दक्षता और किसी लिंक भाषा की मौजूदगी को समझने के उद्देश्य से किया गया । यह भाषायी सर्वेक्षण राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और निपुण भारत मिशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन और यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से किया गया । सर्वेक्षण में 20,298 प्राथमिक विद्यालयों से कक्षा एक में पढ़ने वाले लगभग 2,43,532 विद्यार्थियों की भागीदारी रही।
लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन के संस्थापक और कार्यकारी निदेशक और एनसीएफ स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य डॉ. धीर झिंगरन ने कहा कि यह सर्वेक्षण बुनियादी साक्षरता और गणित की दक्षताओं के विकास में भाषा की महत्वपूर्ण भूमिका को पुनः स्थापित करता है। बच्चों की घर की भाषाओं को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में शामिल करने से शैक्षिक परिणामों में सुधार होगा और सभी बच्चों तक शिक्षा की समान पहुंच को सुनिश्चित किया जा सकता है।
Published on:
21 Feb 2024 10:04 pm
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