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मद्रास सीजे भंडारी अपीलेट ट्रिब्युनल चेयरमैन नियुक्त

आर्थिक अपराधों पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला

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सुप्रीम कोर्ट के पीएमएलए को वैध ठहराने के बाद केन्द्र सरकार ने देश में आर्थिक अपराध के मामलों को लेकर बड़ा फैसला किया है। देशभर में तस्करी, विदेशी मुद्रा विनिमय, मादक पदार्थों का अवैध परिवहन, मनी लॉन्ड्रिंग व बेनामी सम्पत्ति के हस्तांतरण संबंधी मामलों की अपीलों की सुनवाई के लिए मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एम एन भण्डारी को अपीलेट ट्रिब्युनल का चेयरमैन नियुक्त किया है। मद्रास हाईकोर्ट सीजे के रूप उनका कार्यकाल 12 सितम्बर को पूरा हो रहा है।
केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने उनकी नियुक्ति का आदेश जारी किया। यह ट्रिब्युनल आर्थिक अपराध में संपत्ति जब्त करने से संबंधित मामलों में अपीलों की सुनवाई करेगा। आर्थिक अपराध के सभी मामलों की सुनवाई के लिए एक ही अपीलेट ट्रिब्युनल बनाने के बाद पहली बार यह नियुक्ति की गई है। लंबे समय से यह पद खाली चल रहा था। पहले इस पद पर हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश नियुक्त होते रहे, लेकिन अब कानून में संशोधन कर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश या हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को नियुक्त करने का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नियुक्ति आदेश के अनुसार न्यायाधीश भंडारी मुख्य न्यायाधीश पद से सेवानिवृत्त होने के बाद 30 दिन के भीतर इस पद का कार्यभार संभाल सकेंगे। उनका कार्यकाल चार साल का रहेगा। वे राजस्थान हाईकोर्ट में 5 जुलाई 2007 को न्यायाधीश नियुक्त हुए और करीब 12 साल यहां रहने के बाद मार्च 2019 में उनका तबादला इलाहाबाद हाईकोर्ट में हो गया। 26 जून 2021 को इलाहाबाद हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बनाया गया और 22 नवंबर 2021 को मद्रास हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 14 फरवरी 2022 को उन्हे मद्रास हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया।


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