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इस बार दो दिन मनाई जाएगी ‘शिवरात्रि‘, राजस्थान में इस तारीख को होगा ‘शिव का अभिषेक‘

लोग दुविधा में हैं कि महाशिवरात्रि 13 फरवरी को मनेगी या 14 फरवरी को...

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जयपुर

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Dinesh Saini

Feb 09, 2018

Maha Shivratri

जयपुर। शिव और शक्ति की आराधना का पर्व महाशिवरात्रि इस बार दो दिन मनाया जाएगा। जहां उत्तरी भारत में शिवरात्रि ? 13 फरवरी को मनाई जाएगी। वहीं पूर्वी भारत में 14 फरवरी को मनाई जाएगी। ऐसी स्थिति इसलिए बनी हुई है क्योंकि महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। 13 जनवरी को पूरे दिन त्रयोदशी तिथि है और मध्यरात्रि में 11 बजकर 35 मिनट से चतुर्दशी तिथि लग रही है। जबकि 14 फरवरी को पूरे दिन और रात 12 बजकर 47 मिनट तक चतुर्दशी तिथि है। ज्योतिषशास्त्री पं. सुरेश शास्त्री ने बताया ऐसे में लोग दुविधा में हैं कि महाशिवरात्रि 13 फरवरी को मनेगी या 14 फरवरी को। इस प्रश्न का उत्तर धर्मसिंधु नामक ग्रंथ में दिया गया है। इसमें कहा गया है चतुर्दशी तिथि दूसरे दिन निशीथ काल में कुछ समय के लिए हो और पहले दिन सम्पूर्ण भाग में हो तो पहले दिन ही यह व्रत करना चाहिए। निशीथ काल रात के मध्य भाग के समय को कहा जाता है जो 13 तारीख को कई शहरों में अधिक समय तक है। ऐसे में शास्त्रानुसार उज्जैन, मुंबई, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, नागपुर, चंडीगढ़, गुजरात में 13 फरवरी महाशिवरात्रि मनाई जाएगी।

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फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को मनाया जाता है यह पर्व
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को शिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि सृष्टि का प्रारंभ इसी दिन से हुआ। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन सृष्टि का आरम्भ अग्निलिंग (जो महादेव का विशालकाय स्वरूप है) के उदय से हुआ। अधिकतर लोग यह मान्यता रखते हैं कि इसी दिन भगवान शिव का विवाह माता पार्वती के साथ हुआ था। साल में होने वाली 12 शिवरात्रियों में से महाशिवरात्रि को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस पर्व पर भगवान शिव का अभिषेक अनेकों प्रकार से किया जाता है। जलाभिषेक जल से और दुग्‍धाभिषेक दूध से। सुबह जल्दी भगवान शिव के मंदिरों पर भक्तों का तांता लग जाता है। सभी भगवान शिव की पूजा करते हैं और भगवान से प्रार्थना करते हैं। मंदिरों में घंटियों और ऊॅं नम: शिवाय की ध्वनियां गूंजती है।