
जयपुर . पत्रिका के महाभियान क्लीन पॉलिटिक्स के तहत हाल ही आरयू के लोक प्रशासन विभाग में डिबेट का आयोजन किया गया। जिसमें स्टूडेंट्स ने बेबाकी से अपने विचार रखे। महाअभियान से अब युवा भी जुड़ रहे हैं। युवा मतदाताओं ने संकल्प लिया कि वे किसी पार्टी विशेष को वोट नहीं देंगे, बल्कि प्रत्याशियों के नैतिक मूल्यों से युक्त व्यक्तित्व को देखेंगे। तभी सही मायनों में राजनीति का शुद्धिकरण हो पाएगा। युवाओं ने कुछ ऐसे विचारों को बेबाकी से रखा। मौका था राजस्थान पत्रिका के महाभियान क्लीन पॉलिटिक्स के तहत हाल ही राजस्थान विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग में आयोजित डिबेट का। इस महाअभियान से अब युवा भी जुड़ रहे हैं। डिबेट के दौरान विभाग के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्टूडेंट्स ने राजस्थान पत्रिका की पहल को सराहा।
असल मुद्दों से भटकाया
उर्वशी ने बताया कि आपराधिक पृष्ठभूमि के व्यक्ति को राजनीति में स्थान नहीं मिलना चाहिए। राजनीति के नाम अब देश को जाति, धर्म के नाम पर तोड़ा जा रहा है। ताकि असल मुद्दे जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार , पर्यावरण को गौण कर दिया जाए। इसलिए अब हमें वोट किसी पार्टी को नहीं बल्कि प्रत्याशी की नैतिकता व व्यक्तिव को ध्यान में रखकर देना होगा।
पहली बार दूंगी वोट
वहीं शिखा ने बताया कि इसी साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों में पहली बार वोट देने वाली है। उसने भाजपा-क्रांग्रेस के बजाय नोटा को वोट देने का मन बनाया है। छात्र पुष्पेंद्र मीणा ने बताया कि मीडिया को भी राजनीति के शुद्धिकरण में भूमिका निभानी चाहिए। क्योंकि मीडिया भी राजनीति के पतन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके साथ ही ऑनलाइन पोलिंग का सिस्टम भी विकसित किया जाना चाहिए। जिसमें चुनिंदा बिंदुओं पर चुनाव हो। जिसका एक समय-सीमा के भीतर रिव्यू किया जा सके। इसके साथ ही विद्यार्थियों को भी जनता के हित में नीतियों के प्रति जागरुकता फैलानी चाहिए।
Published on:
16 Apr 2018, 4:59 PM IST
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