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गर्मी का मौसम आने के साथ ही गहराया पेयजल संकट

मोटर जब्त करने जाते हैं तो लोग हाथापाई करने पर उतारू हो जाते हैं।

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Jaipur News

जयपुर . गर्मी का मौसम आने के साथ ही वार्ड 14 की चांदबिहारी कॉलोनी में पेयजल संकट गहराने लगा है। ऐसे में लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है साथ ही ये चिंता भी सता रही है कि आने वाले दिनों में जब भीषण गर्मी पड़ेगी तो वे कूलरों में डालने के लिए पानी कहां से लाएंगे। हालांकि जलदाय विभाग कॉलोनी में सरकारी टेंकर की सुविधा उपलब्ध करवा रहा है लेकिन गर्मी में वे भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। इस कॉलोनी में सुबह एक टाईम पेयजलापूर्ति होती है वो भी मात्र 20 मिनट के लिए कम प्रेसर से जिससे लोग अपने घरों में पीने लायक पानी भी नहीं भर पाते। इस बारे में स्थानीय लोगों ने कहा कि जिन घरों में बूस्टर लगा है वे पानी खींच लेते हैं जिससे बिना बूस्टर वाले घरों तक पानी पहुंच ही नहींं पाता और पहुंचता है तो भी कम प्रेसर से। इस बारे में विभाग का कहना है कि पानी की सप्लाई डेढ़-दो घंटे होती है लेकिन लोग बूस्टर से खींच लेते हैं इसके लिए विभाग भी क्या करे। यहां पेयजलापूर्ति सामान्य करने के लिए विभाग ने जसवंत नगर में एक टंकी स्वीकृत की थी लेकिन वो जन प्रतिनिधियों की आपसी खींचतान के कारण के-5-सी कॉलोनी में स्थानांतरित हो गई। लेकिन यहां जलदाय विभाग ने ये कहते हुए नकार दिया कि रेलवे ट्रेक समीप होने के कारण वायब्रेशन से टंकी को नुकसान होगा। इसके बाद विधायक नरपत सिंह राजवी इस टंकी को खातीपुरा ले गए जिससे इस कॉलोनी में पेयजल समस्या जस की तस रह गई।

बोरिंग से भी नहीं हुआ समाधान

जलदाय विभाग ने कॉलोनी में दो बोरिंग भी बनवाए लेकिन कॉलोनीवासियों का कहना है कि बोरिंग का पानी कब आता है और कहां जाता है ये उन्हें नहीं पता। स्थानीय लोगों ने बताया कि आजकल ये बोरिंग ठीक हैं या खराब हैं उन्हें नहीं पता जबकि विभागीय अधिकारी ने बताया कि एक बोरिंग ठीक करवा दिया और एक बहुत जल्दी ठीक करवा दिया जाएगा।
लोगों ने बताया कि हालांकि कॉलोनी में विभाग की ओर से पानी के टेंकर आते हैं लेकिन एक टेंकर तीन-चार घरों को पानी देता है जिसके कारण लोग रोजाना टेंकर वालों से तो उलझते ही हैं आपस में भी उलझ जाते हैं। इसके अलावा जब टेंकर मंगवाने का विभाग में लिखकर आते हैं तो चार दिन बाद टेंकर पहुंचता है ऐेसे में लोगों को निजी टेंकर मंगवा अपनी जरूरत पूरी करनी पड़ती है जो आर्थिक रूप से भारी पड़ती है।

हाथापाई पर उतर जाते हैं लोग

नंदिनी गुप्ता, एईएन, पीएचईडी ने कहा की कलेक्टर जैसे ही पॉवरकट की परमिशन दे देंगे कॉलोनी में पेयजलापूर्ति के समय पॉवर काट दिया जाएगा। पिछले साल भी हमने यही किया था जिससे गर्मी शांति से निकल गई। क्योंकि यदि मोटर जब्त करने जाते हैं तो लोग हाथापाई करने पर उतारू हो जाते हैं।

प्रेमपुरा में टैंकर डलवाने को मजबूर लोग

गर्मियां शुरू होते ही जलापूर्ति में प्रेशर की दिक्कत शुरू हो जाती है। पिछले पंद्रह दिनों से प्रेमपुरा गांव के बाशिंदे भी इसी समस्या से जूझ रहे है। स्थानीय विनोद धानका ने बताया कि पिछले पंद्रह दिनों से प्रेमपुरा में चार दर्जन घरों में एक बूंद पानी नहीं आया। इसके कारण लोगों का परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। कुछ लोग पानी के टैंकर मंगवा रहे हैं तो कुछ नजदीकी झाडख़ंड महादेव मंदिर से पानी भरकर ला रहे है। इसको लेकर जलदाय विभाग के अधिकारियों को सूचित कर चुके लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसको लेकर लोगों में खासा आक्रोश व्याप्त है। वहीं जलदाय अधिकारियों का कहना हैं गर्मी शुरू होते ही प्रेशर की दिक्कत शुरू हो जाती है। बीसलपुर लाइन में पानी का प्रेशर नहीं आ रहा। इस वजह से दिक्कत हो रहीं है।