
जयपुर। अपनों की बगावत के कारण जयपुर नगर निगम में महापौर पद हाथ से जाने पर सकते में आई भाजपा अब सख्ती दिखा रही है। पार्टी ने महापौर विष्णु लाटा के बाद अब उनके भाई एवं पार्टी के शहर उपाध्यक्ष महेश लाटा को भी पार्टी से 6 साल के लिए निष्काषित कर दिया है। वह उपचुनाव में बगावत कर महापौर का चुनाव लड़े अपने भाई विष्णु लाटा के साथ रहे थे।
पार्टी के प्रदेश कार्यालय में शुक्रवार को संगठन महामंत्री के नेतृत्व में हुई बैठक में उक्त निर्णय किया गया। पार्टी ने लाटा को उपचुनाव में अनुशासनहीनता करने का दोषी माना है। बैठक में विधायक कालीचरण सराफ, अशोक लाहोटी, उपमहापौर मनोज भारद्वाज, शहर अध्यक्ष संजय जैन, महांमत्री नरेश शर्मा भी मौजूद थे। विधायकों और उपमहापौर ने तत्काल सख्त कार्यवाही की जरूरत बताई। हार के पीछे कई पार्षदों के नाम भी लिए गए और निष्कासन पर जोर दिया गया लेकिन जांच कमेटी की रिपोर्ट आने तक मामला टाल दिया गया।
विधायकों-पूर्व विधायकों की भूमिका पर भी चर्चा
बैठक में विधायकों-पूर्व विधायकों की भूमिका का मामला भी उठा। चर्चा हुई कि घटनाक्रम को लेकर यह भी देखा जाए, कौन नेता बगावत रोक सकते थे या समय रहते संगठन को बता सकते थे। विधायक-पूर्व विधायक अपने क्षेत्रों में पार्षदों को बगावत से क्यों नहीं रोक पाए।
अनुशंसा को बनाया आधार
शहर अध्यक्ष संजय जैन ने प्रदेश संगठन को सौंपी रिपोर्ट में कहा कि महापौर पद के उपचुनाव के दौरान महेश लाटा ने अपने भाई विष्णु लाटा का सहयोग किया। पार्टी के शहर उपाध्यक्ष होने के बावजूद संगठन के बजाय बागी हुए पार्षद का सहयोग किया।
संगठन सर्वोपरि है। संगठन के खिलाफ सक्रियता बर्दाश्त नहीं की जा सकती। इसी आधार पर प्रदेश संगठन ने निर्णय किया है।
संजय जैन, शहर अध्यक्ष, भाजपा
Updated on:
26 Jan 2019 05:54 pm
Published on:
26 Jan 2019 05:54 pm
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