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Rajasthan: महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, माता-पिता की पेंशन में बढ़ोतरी; जानें कैबिनेट बैठक के 5 बड़े फैसले

hajanlal Cabinet Decisions: भजनलाल सरकार ने शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम और जनहितकारी फैसले लिए हैं। इनमें खेल, शिक्षा, सिविल सेवा, और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।

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CM Bhajan Lal

फोटो- एक्स हैंडल

Bhajanlal Cabinet Decisions: भजनलाल सरकार ने शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम और जनहितकारी फैसले लिए हैं। इनमें खेल, शिक्षा, सिविल सेवा, और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल और उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन फैसलों की जानकारी दी। सबसे प्रमुख निर्णय महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना का है। क्योंकि इससे राजस्थान में खेलों को नई दिशा मिलेगी।

इसके अलावा, सिविल सेवा नियमों में संशोधन, मेडिकल कॉलेजों के कोटे की फीस में बदलाव और पर्यटन सेवा नियमों में सुधार जैसे कदम उठाए गए।

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी खुलेगी

कैबिनेट ने जयपुर में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए बिल के प्रारूप को मंजूरी दी। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि महाराणा प्रताप का नाम हिंदुस्तान में गौरव का प्रतीक है। उनके नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय खेलों को विशेष प्रोत्साहन देगा। यह यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स साइंस और टेक्नोलॉजी पर शोध को बढ़ावा देगी, जिससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन और खेलों की गुणवत्ता में सुधार होगा। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप होगी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में काम करेगी।

उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि यह विश्वविद्यालय न केवल खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देगा, बल्कि खेल विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार को भी बढ़ावा देगा।

माता-पिता और निःशक्त बच्चों को राहत

कैबिनेट ने सिविल सेवा नियमों में बदलाव करते हुए कर्मचारियों के माता-पिता और निःशक्त बच्चों के लिए पारिवारिक पेंशन के नियमों को उदार बनाया। पहले कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनके माता-पिता को 30 फीसदी पेंशन मिलती थी, लेकिन अब नियम 62(3) को हटाकर इसे 50 फीसदी कर दिया गया है।

इसके अलावा, मानसिक रूप से विमंदित या निःशक्त बच्चों को शादी के बाद भी पारिवारिक पेंशन मिलेगी। पहले शादी के बाद यह सुविधा बंद हो जाती थी। साथ ही, पेंशन की न्यूनतम सीमा को 8,550 रुपये से बढ़ाकर 13,750 रुपये कर दिया गया है। यह निर्णय सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

NRI-मैनेजमेंट कोटे की फीस में बदलाव

मेडिकल कॉलेजों में NRI और मैनेजमेंट कोटे की फीस को लेकर भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। पहले NRI कोटे की फीस 31 लाख रुपये और मैनेजमेंट कोटे की फीस 9 लाख रुपये थी। इसमें 15 फीसदी NRI और 35 फीसदी मैनेजमेंट कोटा निर्धारित था, साथ ही हर साल 5 फीसदी फीस बढ़ोतरी का प्रावधान था।

इस व्यवस्था से राजकीय मेडिकल कॉलेजों को नुकसान हो रहा था। कैबिनेट ने संशोधन करते हुए NRI कोटे की फीस को मैनेजमेंट कोटे की ढाई गुना तय किया, जिसके बाद NRI कोटे की फीस 24 लाख रुपये से कम हो जाएगी। यह बदलाव मेडिकल शिक्षा को और सुलभ बनाने में मदद करेगा।

अब प्रदेश में चौथा प्रमोशन भी संभव

राजस्थान पर्यटन सेवा नियमों में संशोधन करते हुए कैबिनेट ने कर्मचारियों के लिए चौथा प्रमोशन शुरू करने का निर्णय लिया। अब वरिष्ठ निदेशकों को भी पदोन्नति का अवसर मिलेगा। यह कदम पर्यटन विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाएगा और विभागीय कार्यकुशलता में सुधार लाएगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोगाराम पटेल ने ऊर्जा क्षेत्र में सरकार के प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान को अक्षय ऊर्जा का केंद्र बनाने का संकल्प है। 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांसवाड़ा दौरे पर आएंगे, जो राज्य के लिए गौरव का क्षण होगा।