
Manglik Dosh Manglik Ka Matlab Manglik Ladki Manglik Ladka
जयपुर.कुंडली में मंगल दोष को बहुत बुरा माना जाता है। ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार कुंडली में जब लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में मंगल होता है तब इसे दोष माना जाता है। ऐेसे लोगों को मंगली या मांगलिक कहा जाता है। मंगल दोष के कारण विवाह में ज्यादा अड़चनें आती हैं, दांपत्य जीवन में भी झगडे होते रहते हैं।
मंगल दोष में लग्न, सप्तम और अष्टम भाव का दोष ज्यादा गंभीर माना गया है। सातवें भाव का मंगल प्राय: तलाक करा ही देता है।जिनकी कुंडली में यह दोष होता है, उनके दांपत्य जीवन में उथलपुथल मची रहती है। बार—बार विवाद होते हैं और प्राय: दंपत्त्यिों में अलगाव हो जाता है। ऐसे मामले कई बार हिंसक रूप ले लेते हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई के अनुसार मांगलिक लोगों में मंगल प्रबल होता है। इस कारण ऐसे लोग बहुत गुस्सैल होते हैं। जरा सा भी वैचारिक मतभेद होने पर झुंझला उठते हैं। बात-बात पर गुस्सा आता है और यदि मंगल अशुभ हो, कमजोर हो, नीच हो या अस्त हो तो ये लोग हिंसक हो उठते हैं। यही कारण है कि मांगलिक लोगों की गृहस्थी टूटने की कगार पर पहुंच जाती है।
दरअसल जिनकी कुंडली में मंगल दोष होता है उन्हें अपनी जीवनसाथी से विशेष या कुछ अलग तरह के शारीरिक संबंधों की चाहत होती है। ऐसा नहीं हो पाना गुस्से की वजह बन जाता है। यही कारण है कि मांगलिक लोगों की शादी मांगलिक से ही कराने पर जोर दिया जाता है। इस स्थिति में प्राय: दंपत्तियों में आपसी प्रेम बना रहता है।
मांगलिक को सामान्यत: दोष माना गया है जबकि हकीकत कुछ अलग ही है। मांगलिक दोष की बजाए इसे मांगलिक योग बोलना ज्यादा उचित होगा। असलियत यह है कि ऐसे लोग बहुत गुणवान होते हैं। ये लोग मातृभक्त होते हैं, बच्चों से बहुत प्यार करते हैं, प्राय: सच्चे लोग होते हैं। मांगलिक लोग गलत बातों पर झुकते नहीं हैं।
Published on:
21 Dec 2020 07:59 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
