20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मेजर आलोक ने छुड़ाए दुश्मन के छक्के

 सैन्य परिवेश में बड़े हुए  मेजर आलोक माथुर के जीवन पर पिता कैप्टन आर.एस. माथुर की अमिट छाप रही। उनके साथ विभिन्न सैनिक छावनियों में रहे मेजर माथुर ने भी सेना में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लिया था। 

2 min read
Google source verification

image

kamlesh sharma

Jan 28, 2016

सैन्य परिवेश में बड़े हुए मेजर आलोक माथुर के जीवन पर पिता कैप्टन आर.एस. माथुर की अमिट छाप रही। उनके साथ विभिन्न सैनिक छावनियों में रहे मेजर माथुर ने भी सेना में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लिया था। चित्तौड़ के सैनिक स्कूल में शिक्षा पाने और सेना में कमीशन पाने के बाद उन्होंने कमांडो का विशेष कोर्स भी किया।

अरुणाचल प्रदेश से आतंकियों का सफाया करने के लिए मेजर आलोक माथुर को बेहद अहम जिम्मेदारी दी गई थी। सर्च अभियान के दौरान सात अक्टूबर, 2003 को कामेंग में इनका आठ आतंकवादियों से सामना हुआ। जमीन में बारुदी सुरंगों बिछी होने के बाद भी मेजर आलोक ने दुश्मन को ललकारा। मुठभेड़ के दौरान उनकी दाईं बाजू में गोली लगने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दुगुने जोश के साथ दुश्मनों पर गोलियों की बौछार करते रहे।

आखिरकार आतंकी मैदान छोड़कर भाग खड़े हुए। इनसे दो गन व 25 कारतूस बरामद हुए। घायल मेजर आलोक को हेलीकॉप्टर से सेना अस्पताल लाया गया। ज्यादा खून बहने से चिकित्सक उन्हें बचाने में कामयाब नहीं हो पाए।

माटी का बढ़ाया मान
देश के लिए शहीद होने वाले सेना की 63वीं इंजीनियर रेजिमेंट के मेजर आलोक का पार्थिव शरीर झोटवाड़ा, कृष्णानगर के आफिसर्स एन्कलेव स्थित घर लाया गया। उनके अंतिम दर्शन करने हजारों लोग उमड़ पड़े। झोटवाड़ा मोक्षधाम में राजकीय व सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ। 1994 में आलोक का विवाह बीकानेर की प्रगति माथुर के साथ हुआ।

इनके दो पुत्रों में बड़ा बेटा मर्णाल मेंगलौर में इंजीनियरिंग कर रहा है। उनकी याद में झोटवाड़ा में एक उद्यान का निर्माण हुआ है और वहीं के सरकारी स्कूल का नामकरण भी शहीद के नाम पर कर दिया है। मेजर आलोक के जन्म दिवस 14 सितम्बर को उनकी स्मृति में अनेक संस्थाओं की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

बेटे पर हमें बेहद नाज
शहीद मेजर आलोक माथुर के पिता कैप्टन आर.एस.माथुर व माता मधु माथुर को भारत माता की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले अपने लाल पर बेहद नाज है। पिता ने बताया कि बचपन से बहादुर आलोक ने जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा, अफगानिस्तान व अरुणाचल प्रदेश में नियुक्ति के दौरान यूनिट में कुशल नेतृत्व कर साहस का परिचय दिया। वह अद्भुत शौर्य की क्षमता रखने वाला जाबांज बेटा था। आलोक ने देश के लिए कुर्बानी देकर देश व खानदान का नाम बहुत ऊंचा किया है।