
Mata Chandraghanta Ka Priya Prasad Aur Rang
जयपुर. शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना की जा रही है। मां चंद्रघंटा सिंह पर सवार रहती हैं और उनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र स्थित है। माता चंद्रघंटा का सौम्य स्वरूप है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई के अनुसार तृतीय नवरात्रि के दिन माता चंद्रघंटा की पूजा—अर्चना से आनंद की प्राप्ति होती है। मां की विश्वासपूर्वक की गई पूजा से दुखों से मुक्ति मिल जाती है। मां चंद्रघंटा को दूध और दूध से बने मिष्ठान्न बहुत पसंद हैं. इसलिए उनको खीर का भोग लगाना सबसे अच्छा माना जाता है। मां को दूध या दूध से बने मिष्ठान्न का भोग लगाकर इसका दान जरूर करें।
मां चंद्रघंटा की आराधना में रंगों का विशेष महत्व है। माता चंद्रघंटा को हरा, भूरा और सफेद रंग पसंद है। हालांकि उन्हें लाल रंग सबसे प्रिय है। मान्यता है कि मां के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा करते समय सफेद रंग का वस्त्र पहनना शुभ होता है। सफेद रंग शुद्धता का प्रतीक माना जाता है।
Published on:
19 Oct 2020 09:28 am
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