
The matter was not resolved regarding the appointment date of Nurses Recruitment 2018
Nurses Bharti 2018:
नर्सेज भर्ती 2018 की नियुक्ति तिथि 28 अप्रेल 2020 से ही मानी जाए, इसे लेकर करीब दो साल बाद भी मामला नहीं सुलझा है। मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री से लेकर सचिव स्तर तक अभ्यर्थियों ने अपनी मांग पहुंचाई, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई है। इस दौरान नर्सेज की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया। सोशल मीडिया पर अभियान भी चलाया गया। विरोध प्रदर्शन भी हुए, लेकिन अब तक मामला विभागीय कार्रवाई से आगे नहीं बढ़ पाया है। अब प्रोबेशन पीरियड पूरा होने में सिर्फ दो महीने रह गए हैं। ऐसे में नियुक्ति् तिथि एक नहीं होती है तो एक ही भर्ती के आधे अभ्यर्थी सीनियर तो आधे अभ्यर्थी जूनियर कैडर में रह जाएंगे। एक ही भर्ती में दो कैडर होने से नर्सेज में नाराजगी बढ़ रही है, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं।
यह है मामला
नर्सेज भर्ती 2018 के तहत 28 अप्रेल 2020 को अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जानी थी। तभी कोविड-19 महामारी के कारण एक शहर से दूसरे शहर नियुक्ति के लिए अभ्य र्थी जाने में असमर्थ थे। राज्य सरकार ने भी कोविड—19 का हवाला देते हुए 28 अप्रेल 2020 को कुछ अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी और बाकी अभ्यर्थियों को 5 अगस्त 2020 को नियुक्ति दी। इससे आधे अभ्यर्थी एक ही भर्ती में अपने ही साथियों से जूनियर हो गए। नियुक्ति में इन 4 महीने के अंतराल को दूर करने के लिए नर्सेज भर्ती 2018 संघर्ष समिति ने एक भर्ती, एक तिथि की मांग की है।
नर्सेज ने चलाया ट्विटर अभियान
राजस्थान नर्सेज संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक मनोज दुब्बी ने बताया कि 28 अप्रेल 2020 को नियुक्ति आदेश होने के बाद संविदा नर्सेज को नियुक्ति नहीं दी गई, जबकि अगस्त 2020 में नियुक्ति देने से एक ही कैडर के नर्सेज में नियुक्ति तिथि अलग हो गई। उनका कहना है कि इस भर्ती से संबंधित आदेश स्वास्थ्य विभाग के अराजपत्रित निदेशक मुकुल शर्मा के भरोसे है, लेकिन वे यह आदेश जारी नहीं कर रहे हैं। जबकि निदेशक मुकुल शर्मा से इस आदेश को लेकर बात की गई तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है।
Published on:
15 Jan 2022 06:21 pm
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