
बसपा सुप्रीमो मायावती
जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव नजदीक आते देख जहां राज्य के दो मुख्य राजनीतिक दलों कांग्रेस और भाजपा में लोक लुभावने वादों और घोषणाओं की होड़ लगी हुई है, वहीं पटना और बेंगलूरू में विपक्ष की एकता बैठक से दूरी बनाने वाली बसपा सुप्रीमो मायावती ने गहलोत सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा, राजस्थान की कांग्रेस सरकार की ओर से विधानसभा चुनाव से ठीक पहले न्यूनतम आय गारंटी आदि की घोषणा करना, यह जनहित का कम, राजनीतिक स्वार्थ का फैसला ज्यादा। इससे गरीब जनता को तुरंत राहत मिलना मुश्किल, फिर भी प्रचार पर सरकारी धन का भारी खर्च करना क्या उचित?
बसपा सुप्रीमो मायावती यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने राजस्थान सरकार के अब तक के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा, वैसे तो गहलोत सरकार अपने पूरे कार्यकाल कुंभकर्ण की नींद सोती रही और आपसी उठापटक में ही उलझी रही। वरना जनहित और जनकल्याण से जुड़े अनेक कार्य प्रदेश की जनता की गरीबी, बेरोजगारी, उनके पिछड़ेपन और तंगी के हालात के कारण सरकार को काफी पहले ही शुरू कर देना जरूरी था।
गौरतलब है कि शुक्रवार को गहलोत सरकार ने विधानसभा में राजस्थान न्यूनतम आय गारंटी विधेयक 2023 पारित कराया था। इस विधेयक से राज्य में हर परिवार को न्यूनतम 125 दिन की रोजगार गारंटी। वृद्ध, विशेष योग्यजन, विधवा और एकल महिला को प्रतिमाह न्यूनतम एक हजार रुपए पेंशन। पेंशन में प्रतिवर्ष स्वतः 15% की वृद्धि का प्रावधान है। इस विधेयक के पारित होने के साथ ही राजस्थान सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
Published on:
23 Jul 2023 05:27 pm
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