
जयपुर। राज्य उपभोक्ता आयोग और जिला उपभोक्ता आयोगों में सदस्यों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया। हाईकोर्ट ने इन नियुक्तियों को लेकर दायर याचिका को खारिज कर दिया, वहीं इस मामले में दिए यथास्थिति के आदेश को वापस ले लिया।
कोर्ट ने कहा कि आवेदन पत्र में तय अवधि तक ही संशोधन किया जा सकता था। याचिकाकर्ता को किसी शर्त को लेकर शिकायत थी तो उसे चयन प्रक्रिया में भाग लेने से पहले उस पर सवाल उठाना चाहिए था।न्यायाधीश समीर जैन ने पवन कुमार भारद्वाज की याचिका को खारिज करते हुए यह आदेश दिया।
याचिका में कहा था कि राज्य सरकार ने 20 दिसबर, 2024 को राज्य उपभोक्ता आयोग में सात और जिला उपभोक्ता आयोग में सदस्यों के 80 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया। याचिकाकर्ता ने सदस्य पद के लिए गलती से पहली वरीयता में जिला आयोग और दूसरी वरीयता में राज्य आयोग भर दिया।
याचिकाकर्ता ने साक्षात्कार से पूर्व वरीयता में संशोधन के लिए विभाग में अभ्यावेदन पेश किया, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता कपिल प्रकाश माथुर ने कहा कि नियमानुसार आवेदन में अंतिम तिथि 20 दिसंबर, 2024 के बाद संशोधन नहीं हो सकता था।
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Published on:
16 Apr 2025 07:22 am
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