
जयपुर। मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बुधवार को सचिवालय के सभा कक्ष में विभाग के अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यविधि पर चर्चा की। उन्होनें कहा कि जन अभियोजन में प्राप्त शिकायतों का समाधान त्वरित गति व पारदर्शिता से किया जाए। इसमें किसी प्रकार की पेंडेंसी नहीं होनी चाहिए।
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि सम्पर्क पोर्टल जनता की शिकायतें प्राप्त करने का एक बहुत बडा जरिया है, जिसे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से राज्य के सभी लोगों को उनकी किसी भी प्रकार की समस्या दर्ज करने का मौका सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है। डॉ. मीणा ने विभाग को पुलिस थानों और जिलों की पेंडेंसियों को विस्तार से समझा। मंत्री मीणा ने राजस्थान सम्पर्क 181 (नागरिक सम्पर्क केन्द्र) का दौरा किया और वहां की कार्य प्रणाली को देखा। उन्होनें दौरे के दौरान 181 पर दौसा निवासी मनसुख राम का कॉल भी रिसीव किया व उनकी शिकायत सुनी।
शासन सचिव गौरव गोयल ने सम्पर्क पोर्टल पर लम्बित प्रकरणों, त्रि-स्तरीय जन-सुनवाई और 181 पर सत्यापन से लम्बित प्रकरणों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोगों को अपनी किसी भी तरह की शिकायत लेकर अन्य दफ्तर जाने की जरूरत नहीं, क्योंकि वे अपनी शिकायत सम्पर्क पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन दर्ज करवा सकते है और जल्द ही उनकी शिकायतों का निवारण करके उन्हें सूचित कर दिया जाता है।
शासन सचिव ने बताया कि त्रि-स्तरीय जन-सुनवाई में ग्राम पंचायत स्तर पर जन-सुनवाई माह के प्रथम गुरूवार को आयोजित की जाती है। इसमें ग्राम पंचायत के सरपंच, वार्ड पंच के साथ ही पंचायत स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहते है एवं इसकी मॉनिटरिंग उपखण्ड अधिकारी व विकास अधिकारी द्वारा की जाती है।
उपखण्ड स्तरीय जन-सुनवाई माह के दुसरे गुरूवार को पंचायत समिति में होती है, जिसमें उपखण्ड स्तर के अधिकारी एवं संबंधित पंचायत समिति के प्रधान व अन्य ब्लॉक स्तरीय जन प्रतिनिधि उपस्थित रहते है। इसकी मॉनिटरिंग जिला कलेक्टर व जिला प्रमुख करते है। जिला स्तरीय जन-सुनवाई माह के तीसरे गुरूवार को कलेक्टेट सभागार में आयोजित की जाती है। जिसमें सांसद, विधायक, जिला प्रमुख एवं अन्य जन प्रतिनिधियों के साथ ही जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहते है।
Published on:
24 Jan 2024 08:45 pm
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