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खुशखबरी : राजस्थान में 25 हजार पदों पर होगी भर्ती, भजनलाल सरकार के मंत्री ने किया बड़ा ऐलान

Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने कहा कि डिस्कॉम की तर्ज पर पीएचईडी विभाग में भी विजिलेंस विंग बनाने पर विचार किया जा रहा है

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Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में पानी पर चर्चा का जवाब देते हुए जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने स्वीकार किया कि विभाग में इतना भ्रष्टाचार है, अगर निचले स्तर तक कर्मचारियों पर कार्रवाई करें तो एक भी नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब तक 40 से ज्यादा अधिकारियों को निलंबित किया गया है।

मंत्री ने कहा कि डिस्कॉम की तर्ज पर पीएचईडी विभाग में भी विजिलेंस विंग बनाने पर विचार किया जा रहा है, जो अवैध कनेक्शन को लेकर कार्रवाई करेगी। अवैध कनेक्शन करने वालों पर कड़ा जुर्माना भी लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग की स्थिति सुधारने को लेकर विभिन्न पदों पर करीब 25 हजार कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी।

'कांग्रेस राज में गड़बड़ियां हुईं, इससे हम 11 सीटें हारे'

मंत्री ने कहा कि कांग्रेस राज के दौरान जल जीवन मिशन (जेजेएम) में खूब गड़बड़ियां हुई थीं, जिसकी सजा हमें मिली है और लोकसभा चुनाव में 11 सीटों का नुकसान हुआ। कांग्रेस के पापों की सजा जनता ने हमें दी है। जनता तो यही कहती है कि हमने आपको सत्ता सौंप दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में हुए धीमी गति के कामों के कारण जल जीवन मिशन में राजस्थान 33 वें स्थान पर है।

मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने ईआरसीपी के नाम पर 5 साल केवल राजनीति की है। हमारी सरकार ने सत्ता में आते ही मध्य प्रदेश के साथ दिल्ली में एमओयू किया। इसके तहत प्रदेश को 3400 एमसीएम पानी मिलेगा। योजना को लेकर राजस्थान और मध्य प्रदेश में डीपीआर बन रही है, योजना पर 48 हजार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है, जिसमें 90 फीसदी राशि केंद्र सरकार देगी। मंत्री ने कहा कि राजस्थान में देश का क्षेत्रफल का करीब 10 फीसदी हिस्सा है और देश की लगभग 5.50 फीसदी आबादी यहां निवास करती है, लेकिन देश के कुल जल का लगभग 1.30 प्रतिशत यहां उपलब्ध है।

ये भी बोले…

  • जयपुर को लेकर ब्राह्मणी नदी योजना की डीपीआर पर काम कर रहे हैं। यह योजना 148 किलोमीटर लंबी है, जिसमें 16 किमी की टनल बनेगी। इस पर करीब 8000 करोड़ रुपए खर्च होने की उम्मीद है।
  • जल जीवन मिशन में पूर्ववर्ती सरकार ने बिना पानी की उपलब्धता ही ट्यूबवेल व टंकियों का निर्माण करवा दिया। योजना में 93 हजार 426 करोड़ में से महज 19 हजार 336 करोड़ की राशि ही खर्च की गई।
  • प्रदेश में जलदाय और पंचायती राज विभाग के अधीन आने वाले हैण्ड पम्प अब एक ही विभाग के अधीन होंगे। इससे हैण्डपंपों को लेकर दुविधा की स्थिति खत्म होगी।

बालाजी वाला बयान हैरतवाला: जूली

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तंज कसते हुए कहा कि जलदाय मंत्री ने बयान दिया है कि मैं बालाजी नहीं हूं जो फूंक मार के पानी ला दूं। प्रदेश में पानी वाले विभाग के मंत्री का बयान हैरत वाला है। जनता ने जिम्मेदारी दी है पानी लाने की। यह जिम्मेदारी कौन निभाएगा। जनता ने सरकार बना दी है और अब तो डबल इंजन की सरकार भी है। फिर भी पानी नहीं दे रही। जूली ने कहा कि सरकार बिजली और पानी दोनों देने में विफल रही है। जनता ने तय कर लिया है आपको बदलना है। कम से कम 50 भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री को लिखकर दिया है कि उनके क्षेत्र में पानी की भयंकर कमी है।

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