जयपुर. रणकपुर, देलवाड़ा की शिल्पकला और भव्यता की झलक राजधानी जयपुर में भी शहरवासियों को देखने को मिलेगी। मकराना के सवा लाख घन फुट सफेद मार्बल से निर्मित जयपुर — दिल्ली हाइवे गलता गेट स्थित मोहनबाड़ी जैन मंदिर परिसर में नवनिर्मित ऋषभ जिन प्रासाद का प्रतिष्ठा महोत्सव रविवार से शुरू हो गया। 12 दिसंबर तक होने वाले कार्यक्रम की तैयारियां हो चुकी हंै। आज पंचकल्याणक पूजा विधान शुरू हुआ।
ऋषभ जिन प्रासाद निर्माण समिति संयोजक कुशल चंद सुराणा ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि पूरे मंदिर में विशेष विभिन्न जैन तीर्थों की नक्काशी की अदभूत झलक देखने को मिलेगी। एक जिन प्रासाद और एक नई दादाबाड़ी यहां तैयार हुई है। मन्दिर निर्माण में 12 साल लगे हैं।
150 से अधिक साधु—साध्वियों की निश्रा में कार्यक्रम
संघ मंत्री देवेंद्र कुमार मालू ने बताया कि श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ के बैनर तले होने वाले कार्यक्रम को लेकर व्यवस्थाओं को चाक चौबंद किया जा रहा है। चार से नौ दिसंबर तक पंचकल्याणक विधान, पूजाएं, रात्रि भक्ति, दस को वरघोड़ा, अंजन शलाका विधान, 11 को पावन प्रतिष्ठा दिवस, उपाध्याय पदारोहण भागवती दीक्षा महोत्सव, 12 को द्वाराद्रघाटन और पूजाएं होगी। इससे पूर्व पांच पंडाल भी थर्माकोल से तैयार किए गए हैं। कुल 20 से अधिक भव्य बड़ी प्रतिमाएं, चार प्रतिमाएं दादाबाड़ी में विराजमान की जाएगी।
खास—खास..
— आठ हजार गज जमीन पर बिना लोहे के इस्तेमाल के रेलवे की तर्ज पर आर्च तकनीक से हुआ काम
—मंदिर में 108 फीट ऊंचा शिखर व 54 फीट का रंग मंडप होगा
—भारतीय संस्कृति और स्थापत्य कला का भी दिखेगा समावेश
— जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ की 800 किलो वजनी 57 इंच ऊंची सफेद मार्बल से बनी प्रतिमा सहित अन्य मूर्तियां
—जैन म्यूजियम, स्वाध्याय भवन व लाइब्रेरी का भी होगा निर्माण
—मकराना के मुस्लिम कारीगरों के अलावा उड़ीसा के कलाकारों ने मंदिर में काम कर साम्प्रदायिक सौहार्द की झलक भी पेश की है।