
जयपुर। दक्षिण पश्चिमी मानसून अब उत्तर भारत तक पहुंच गया है। पूर्वी इलाकों के बाद प्रदेश में अब पश्चिमी क्षेत्र में भी मानसूनी गविविधियां तेज हो गई हैं और माना जा रहा है कि अगले दो तीन दिन में पूरे प्रदेश को मानसून कवर कर लेगा। बीते चौबीस घंटे में जयपुर समेत प्रदेश के आधा दर्जन से ज्यादा जिलों में दो से छह इंच तक बारिश रिकॉर्ड हुई। जयपुर के सांभर में पांच और फुलेरा में चार इंच बारिश से खेत खलिहानों में पानी भर गया। प्रतापगढ़ के पीपलखूंट में गुरूवार को भी भारी बारिश ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया। कस्बे में शुक्रवार सुबह तक छह इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है।
एक दर्जन से ज्यादा जिलों में भारी बारिश की आशंका
मौसम केंद्र ने अगले चौबीस घंटे में एक दर्जन से ज्यादा जिलों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की टर्फ लाइन वीरावल, अमरेली, अहमदाबाद, जोधपुर और बीकानेर होकर गुजर रही है और अगले चौबीस घंटे में प्रदेश के करीब एक दर्जन से ज्यादा जिलों में भारी बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून अब दक्षिण और पूर्वी भारत के सभी राज्यों में पूरी तरह सक्रिय है। अगले दो दिनों में पूरे देश में सक्रिय हो जाएगा। दक्षिण में ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना में जमकर बारिश हो रही है। पूर्वोत्तर के सभी 7 राज्यों और पश्चिम बंगाल में मानसून सक्रिय है।
नागौर
जिला मुख्यालय के निकटवर्ती गांव बासनी में बारिश के चलते एक मकान का ऊपरी हिस्सा गिर गया। हालांकि हादसें में किसी प्रकार से कोई जनहानी नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि गुरुवार शाम को 5 बजे से हो रही बारिश के चलते शाम को मकान की कुछ पट्टियां गिर गई थी। जिसके चलते मकान को खाली करवा लिया गया था सुबह एक मंजिल पूरी तरह से ढह गई। मकान गिरने से मल्बे में सामान दब गया है। मकान गांव के सदर बाजार स्थित मंडल मोहल्ला के रहने वाले असगर अली पुत्र अमीर अहमद का बताया जा रहा है।
बारां
बारां के कवाई में शुक्रवार शाम अचानक आई बारिश के बाद मोठपूर रोड़ स्थित श्याम मित्तल के मकान के पीछे का हिस्सा जो खाली था पानी रुकने के बाद अचानक से गिर गया हालांकि उससे कोई तरह का नुकसान नहीं हुआ।
दूदू में मूसलाधार
जयपुर में आज सुबह आसमान में छाए बादलों ने कई इलाकों में हल्की बारिश की। जिससे मौसम सुहावना हो गया। राजधानी के दूदू कस्बे के आस पास भी मूसलाधार बारिश से खेतों में पानी भर गया। खेतों में खड़ी बाजरा,मूंग, मोठ की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा।
बरसात से फसलों में आई रौनक
मिर्जेवाला क्षेत्र में वीरवार रात से लेकर शुक्रवार शाम तक लगातार रुक-रुक कर झमाझम बरसात हो रही है। जिससे किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। गांव की गलियां पानी से लबालब हो गई वहीं बरसात से यातायात भी प्रभावित हुआ है। खेत भी जलमग्न हो गए फसलें भी खिल उठी है। जिससे किसानों को नहरी पानी की चिंता सता रही थी इससे पानी की बचत हुई है। गांव में नीचे घरों में पानी भी घुसा जिससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा पिछले 2 सप्ताह में करीब 6 बार बरसात होने से किसान अब मूंग व ग्वार की बिजाई कर सकेंगे वही किन्नू के बागों को बरसात से काफी फायदा हुआ है।
दौसा के सैंथल सागर 8 तो सिनोली बांध में 6 इंच पानी बढ़ा
दौसा में शुक्रवार सुबह से शाम साढ़े पांच तक उमसभरी गर्मी के बाद बारिश होने से मौमस खुशनुमा हो गया। इधर जल संशाधन विभाग के कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह 8 बजे तक जिला मुख्यायल पर 37, सिकराय 38, सैंथल सागर 35 एमएम बारिश हुई। इसी प्रकार बांदीकुई में 20, बसवा में 30, मोरेल 13, रेहडिय़ा 7, राहुवास 4, लालसोट 5 व लवाण में 3 एमएम बारिश दर्ज की गई। शाम को हुई बरसात का पानी सडक़ों पर बह निकला। कॉलोनियों में पानी भर गया तो कई लोगों के बोरिंग धंस गए। इसी प्रकार सैंथल सागर में 8 इंच पानी बढ़ कर शुक्रवार सुबह तक 8 फीट 1 इंच पानी हो गया। वहीं कुण्डल के समीप सिनोली बांध में भी गत दिवस से 6 इंच पानी बढ़ कर शुक्रवार सुबह 8 बजे 7 फीट पानी हो गया।
Updated on:
29 Jun 2018 07:13 pm
Published on:
29 Jun 2018 07:12 pm
