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उत्तर-पश्चिम भारत में 23-29 जून तक सक्रिय होगा मानसून

राहत के दिन करीब: लू का प्रकोप घटा, पारा गिरा

जयपुर

Updated: June 18, 2022 01:55:51 am

नई दिल्ली. गर्मी से जूझ रहे देश के कई हिस्सों को अगले सप्ताह तक राहत मिल सकती है। मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून 23 से 29 जून तक उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों को कवर कर सकता है। देश में 29 जून तक लू चलने के आसार नहीं हैं।
एक सप्ताह में देश के उत्तर-पश्चिमी और मध्य भागों में अधिकतम तापमान में पांच से 10 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है। अगले हफ्ते यह दो से चार डिग्री तक और गिर सकता है।
आइएमडी के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के मध्य और पूर्वी भारत की ओर बढ़ने तथा ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण देश के सभी हिस्सों में लू के हालात में नरमी आई है। उत्तर पश्चिमी भारत दो जून से, जबकि मध्य भारत 10 जून से गर्म और शुष्क पश्चिमी हवाओं के कारण लू की चपेट में था। दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तरी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तरी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में लू का असर 12 जून तक रहा। झारखंड, पश्चिम बिहार, उत्तरी ओडिशा और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों को 15 जून तक लू का सामना करना पड़ा। आइएमडी ने बताया कि लू का प्रकोप 16 जून से कम हो गया है।
उत्तर-पश्चिम भारत में 23-29 जून तक सक्रिय होगा मानसून
उत्तर-पश्चिम भारत में 23-29 जून तक सक्रिय होगा मानसून
इन राज्यों में होगी प्री-मानसून वर्षा
देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून बारिश हो रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार को बारिश हुई। स्काइमेट वेदर के मुताबिक अगले दो दिन राजस्थान, दिल्ली, छत्तीसगढ़ के हिस्सों, पूर्वी मध्य प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना, कर्नाटक, लक्षद्वीप में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश हो सकती है।
चेरापूंजी में एक दिन में 972 मिलीमीटर बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, मेघालय के चेरापूंजी में शुक्रवार सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान 972 मिलीमीटर मूसलाधार बारिश दर्ज की गई, जो जून में वर्ष 1995 के बाद से सबसे अधिक है। इससे दो दिन पहले वहां 811.6 मिमी बारिश रेकॉर्ड की गई थी।
आइएमडी ने कहा कि वर्ष 1901 से उसने रेकॉर्ड रखना शुरू किया है। तब से दुनिया के सबसे अधिक वर्षा वाले स्थानों में शुमार चेरापूंजी में जून में एक दिन में नौ बार 800 मिमी से अधिक बारिश रेकॉर्ड की गई है। 972 मिमी बारिश का यह रेकॉर्ड 122 वर्ष के इतिहास में तीसरे स्थान पर है। चेरापूंजी में 16 जून, 1995 को 1563.3 मिमी बारिश हुई थी जबकि 15 जून, 1995 को 930 मिमी बारिश दर्ज की गई। 5 जून, 1956 को हिल स्टेशन पर 973.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी।

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