
Rajasthan Monsoon : माउंट आबू. नक्की झील में शनिवार दोपहर मौसम के साथ नौकायन का आनंद लेते सैलानी। फोटो पत्रिका
Rajasthan Monsoon : राजस्थान में मानसून की बेरुखी का असर बारिश और बांधों पर देखने को मिल रहा है। जल संसाधन विभाग के मानसून के 50 दिन के आंकड़ों को देखें तो 30 सितंबर तक सामान्य बारिश का 424.71 मिमी का आंकड़ा भी पूरा होना मुश्किल दिख रहा है। आधा सीजन निकलने के बाद भी 278.44 मिमी ही बारिश हो सकी है, जो कुल सामान्य बारिश का करीब 65 फीसदी है। मौसम विभाग ने भी आगामी दिनों में भारी बारिश की कोई संभावना नहीं जताई है। वहीं, गत वर्ष 22 अगस्त तक 424.71 मिमी के मुकाबले 453 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जो सामान्य से 0.16 फीसदी अधिक थी।
पिछले साल मानसून में कोटा, बूंदी, बारां, सवाई माधोपुर, टोंक, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, बाड़मेर और जोधपुर समेत 12 जिलों में बाढ़ के हालात बन गए थे। बूंदी समेत कई जिलों का आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से हवाई सर्वे भी कराया गया था। वहीं, 693 बांधों में से 286 बांध लबालब हो गए थे, लेकिन इस साल केवल 40 बांध ही भर सके हैं।
जयपुर समेत प्रदेशभर में बारिश का दौर धीमा पड़ गया है। पश्चिमी जिले सूखे रहे, वहीं पूर्वी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। सर्वाधिक बारिश कामां (डीग) में 10 मिमी दर्ज की गई। जयपुर में भी तेज धूप और उमस से लोग परेशान रहे। सर्वाधिक तापमान श्रीगंगानगर में 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चूरू में 38, बीकानेर में 36.4, फलोदी में 35.4 और फतेहपुर में 35.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
माउंट आबू (सिरोही)। पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में रुक-रुककर हो रही बारिश से ऐतिहासिक नक्की झील में शनिवार को चादर चल पड़ी। झील के ओवरफ्लो से बहते पानी का नजारा देखने के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। चादर चलने की खबर शहर में फैलते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई और कई जगह मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया गया। माउंट आबू में शनिवार सुबह आठ बजे तक बीते 24 घंटों में 7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही मानसून सीजन में अब तक कुल 1071 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। लगातार बारिश के चलते शनिवार अलसुबह करीब साढ़े पांच बजे जलग्रहण क्षेत्रों से पानी की आवक बढ़ी और दक्षिणी तट स्थित झील के ओवरफ्लो से चादर चल पड़ी। चादर देखने के लिए नक्की झील के परिक्रमा पथ पर लोगों का जमावड़ा लग गया। ओवरफ्लो के दक्षिणी और उत्तरी दरवाजे से पानी बहने की खबर मिलते ही लोग दुपहिया वाहनों, साइकिलों और पैदल झील की ओर पहुंचने लगे। दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रही।
Updated on:
22 Aug 2026 10:49 pm
Published on:
22 Aug 2026 10:49 pm
