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जयपुर। एक ओर तो सरकार मदरसों का विकास करने की बात कर रही है, दूसरी ओर मदरसों में कार्यरत पैराटीचर्स को महीनों से मानदेय नहीं मिल रहा है। ऐसे में मदरसा पैराटीचर्स परेशान हो रहे हैं। उनका कहना है अप्रेल में बच्चों के स्कूल में एडमिशन कराने हैं और घर के दूसरे कामों के लिए रुपयों की जरूरत है, लेकिन कई माह से मानदेय नहीं मिला है। इसका सीधा असर मदरसा शिक्षा पर पड़ रहा है। प्रदेश के करीब 6300 मदरसा पैराटीचर्स को जनवरी से मानदेय नहीं है, साथ ही सैंकड़ों ऐसे भी हैं, जिन्हें 6 माह तक से वेतन नहीं मिला है।
सॉफ्टवेयर से कार्य सत्यापन अटका
मदरसा पैराटीचर्स के मानदेय में अक्सर होने वाली देरी से निपटने के लिए मदरसा बोर्ड ने उनका कार्य सत्यापन आॅनलाइन करने की योजना बनाई, लेकिन वह भी सफल नहीं हुई।
विभाग की लापरवाही
राजस्थान मदरसा शिक्षा सहयोगी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सैययद मसूद अख्तर ने बताया कि कई बार मदरसा बोर्ड के अधिकारियों को ड्यूटी सर्टिफिकेट, बैंक अकांउट नंबर आदि दे चुके, लेकिन अधिकारी हमारा मानदेय नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि अब भी मानदेय नहीं मिला तो वे परिवार सहित धरना देंगे। विभाग की लापरवाही से हजारों मदरसा मदरसा पैराटीसर्च परेशान हो रहे हैं।
कैसे चलाएं घर
मदरसा पैराटीचर ताहिरा नाज कादरी ने बताया कि सितम्बर 2017 से मानदेय नहीं मिला है, ऐसे में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। अब बच्चे का भी स्कूल में एडमिशन कराना है। पैसे की बहुत जरूरत है।
6 माह से नहीं मिला मानदेय
मदरसा पैराटीचर मोहम्मउ रफीक अंसारी ने बताया कि कई बार अधिकारियों से मिले, लेकिन 6 माह से मानदेय नहीं मिला है। बच्चों का स्कूल में प्रवेश कराना है। करीब 7 हजार रुपए मानदेय मिलता है वह भी नहीं मिल रहा है। अधिकारी हमारी परेशानी समझते नहीं हैं।
जल्द करा देंगे भुगतान
6300 पैराटीचर्स का मानदेय का काम बोर्ड कार्यालय में चल रहा है। ये सही है इनका जनवरी से मानदेय रुका हुआ है। पे मैनेजर से इनका भुगतान करना है। उसका रिकार्ड संधारित कर रहे हैं। पैराटीचर्स ने जो रिकार्ड दिया है उसमें खामियां रह गई है। जल्द ही इनका भुगतान करा देंगे।
मोहम्मद सलीम खान, सचिव, राजस्थान मदरसा बोर्ड

Published on:
13 Apr 2018 10:41 am
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