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जयपुर के इन सिंगर्स को सोशल मीडिया ने दिलाया बड़ा मुकाम, रातोंरात दुनियाभर में हुए फेमस

संगीत को लेकर हर किसी की अपनी एक सोच हो सकती है, लेकिन आमतौर पर लोगों के बीच म्यूजिक एक ऐसी मजबूत कड़ी के रूप में दिखाई देता है

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jaipur singers

खुशेन्द्र तिवारी/ जयपुर। संगीत को लेकर हर किसी की अपनी एक सोच हो सकती है, लेकिन आमतौर पर लोगों के बीच म्यूजिक एक ऐसी मजबूत कड़ी के रूप में दिखाई देता है, जो अलग प्रान्त, शहर, कल्चर और देश का होने के बावजूद भी एक साथ जोड देता है।

दुनिया के हर संगीत से जोडऩे में टेक्नोलॉजी ने भी खास मदद की है, लिहाजा अब लोग अपने देश में बैठकर दूसरे देश के म्यूजिक को फील कर पाते हैं। सोशल मीडिया ने आज दुनियाभर के संगीत को एक मुठ्ठी में ला दिया है, लिहाजा इसके जरिए जहां सिंगर रातोंरात दुनियाभर में फेमस हो जाते हैं। वहीं इसके जरिए म्यूजिक स्टार्स को एक बड़ा बूस्ट भी मिल जाता है।

शहर के ऐसे बहुत से सिंगर्स हैं, जो आज यूट्यूब और फेसबुक के जरिए फेमस हो गए हैं, उनके लाखों व्यूज और फॉलोअर्स हैं। खास बात यह है कि शहर के इन यू-ट्यूब स्टार्स को उनकी सोशल मीडिया फॉलोइंग और बढ़ती फील्ड का नतीजा यह हुआ कि सभी को वॉलीवुड के कई बड़े प्रोजेक्ट्स मिल गए। वल्र्ड म्यूजिक डे पर पत्रिका ने जाना उनकी लाइफ जर्नी और एक्सपीरियंस को। सभी ने मानना है कि सोशल मीडिया के माध्यम पर बने रहने के लिए आपका कंटेंट ऑथेंटिक होना जरूरी है।


आइडिया अपने हों
कुनाल वर्मा बताते है कि यूट्यूब पर आज हर कोई कंटेट को अपलोड कर रहा है, लेकिन लोग ऐसा कर रहे हैं, तो मुझे भी ऐसा ही करना चाहिए, ये सोचकर आपको आगे नहीं बढऩा चाहिए। दुनियाभर के म्यूजिक को सुनें, उनसे इंस्पिरेशन लें, लेकिन कंटेंट हमेशा अपना ही रखें, जो आपको पसंद हो। साउंड क्योंकि जल्दी बदल जाते हैं, ऐसे में आथेंटिक होना सबसे जरूरी है। जल्द ही यूट्यूब पर कमबैक करूंगा।

सोशल मीडिया से आत्मनिर्भर
रजनीगंधा शेखावत ने बताया कि शुरुआत में लोगों को देखते हुए मैंने भी चैनल शुरू कर दिया था, लेकिन प्रोफेशनली मुझे नहीं मालूम था कि यूट्यूब और फेसबुक पर किस तरह अपने आपको स्थापित किया जा सकता है। लेकिन धीरे-धीरे सीखने का मौका मिला। सिंगिंग जर्नी पुरानी है, लेकिन सोशल मीडिया ने आत्मनिर्भर बना दिया है। रोज-रोज नए गाने आ रहे हैं, एेसे में आपके आइडियाज नए होने चाहिए, जो ऑडियंस को एंगेज कर सकें। यू-ट्यूब की बदौलत ही मुझे फिल्म ब्रदीनाथ की दुल्हनिया का टाइटल ट्रेक मिला।

हर बार कंटेंट नया हो
रेपरिया बालम ने कहा यूट्यूब पर हमारे पहले सॉन्ग ने सबसे पहले हमें अपने शहर में फेमस बनाया। इसके बाद देश -दुनिया में हमारी अलग पहचान बना दी। यू-ट्यूब पर अपने आप को बनाए रखने के लिए एक सिंगर को अपने कंटेंट और क्रिएटिविटी में लगातार एक्सपेरिमेंट करना जरूरी है। हमारे पहले सॉन्ग ‘जयपुर एंथम’ को कुछ ही दिनों में डेढ़ लाख व्यूज मिल गए थे। इसके बाद ‘म्हारो राजस्थान’ ने भी अलग पहचान दी। यूट्यूब के जरिए ही एक्टर और डायरेक्टर विजय मौर्य सर ने हमें नया प्रोजेक्ट ‘10 पैसे’ दिया।

लकीली मिला ये प्लेटफॉर्म
गजेन्द्र वर्मा ने बताया कि मैंने जब यूट्यूब पर शुरुआत की, तब लोगों में इतना ज्यादा क्रेज नहीं था। दरअसल मेरा पहला गाना ‘एम्प्टीनेस’ लीक हुआ था, जिसके बारे में पहले मुझे भी कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन लोगों ने इसके जरिए काफी प्यार दिया। यूट्यूब की ही बदौलत मुझे फिल्म टेबल नं-21 का सॉन्ग ‘मन मेरा, सारी रात’ और बिट्टू बॉस का सॉन्ग ‘मन जागे सारी रात’ मिला। यूट्यूब पर अपनी पहचान बनाए रखने के लिए जरूरी है कि आपके कंटेंट में ईमानदारी हो। ‘मेरा जहां...’ और ‘तू मेरे जाना...’ के व्यूज 50 मिलियन के पार हो चुकी है।


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