
1930 में माउंट आबू घूमने आए विदेशी दंपति ने इसपर एक शॉर्ट फिल्म शूट किया। इस विडियो को सबसे पहले एक वर्ष पूर्व ‘द भारत आरकाइव्स’ नाम के यूट्यूब चैनल ने साझा किया था। वीडियो की शुरुआत आबूरोड रेलवे स्टेशन के दृश्य से होती है। जिसमें स्टेशन के गुम्बद और अंग्रेजी में लिखे आबूरोड को दिखाया जाता है। इस विडियो को जो भी देखता है, 1930 के बाद इतने वर्षों में माउंट आबू और आबूरोड रेलवे स्टेशन में हुए बदलाव को महसूस करता हैं।

वीडियो में माउंट आबू क्षेत्र के ग्रामीण जनजीवन को भी दिखाया गया है।

इसके बाद माउंट आबू के अचलगढ़ और देलवाड़ा के जैन मंदिर के बारे में बताया जाता है। इन दोनों जैन मंदिरों की कारिगरी व नजारों को विडियो में दिखाने के बाद नक्की झील के नजारे को दिखाया गया है।

यह शॉर्ट फिल्म इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब पसंद की जा रही है।

इस विडियो में माउंट आबू के वानर भी उछल-कूद करते नजर आते हैं। इसके बाद दोनों यात्रियों के माउंट आबू से लौटने पर आबूरोड रेलवे स्टेशन व ट्रेन का नजारा दिखाई देता है जिसमें महिला यात्री ट्रेन पर चढ़ते हुए और वर्दी में मौजूद व्यक्ति उन्हें फूल देकर विदा करते दिखाई दे रहे हैं।

इस विडियो को सबसे पहले एक वर्ष पूर्व ‘द भारत आरकाइव्स’ नाम के यूट्यूब चैनल ने साझा किया था। हम यहां इसकी कुछ तस्वीरें दिखा रहे हैं।

इस विडियो को जो भी देखता है, 1930 के बाद इतने वर्षों में माउंट आबू और आबूरोड रेलवे स्टेशन में हुए बदलाव को महसूस करता हैं।

विडियो की शुरुआत में माउंट आबू को अरावली हिल्स में द राजपूत ऑलम्पस का नाम दिया गया है जिसका अर्थ राजपूतों का निवास होता है।

विडियो के अंत में सोजत रोड रेलवे स्टेशन भी दिखाया गया है।