
जयपुर।
प्रदेश में शीतलहर की हाड-कंपाने वाली सर्दी के बीच सियासत में 'गर्माहट' लगातार बरकरार है। खासतौर से पेपर लीक प्रकरणों को लेकर सियासी उबाल चरम पर है। प्रदेश के लगभग सभी विरोधी राजनीतिक दल युवाओं से जुड़े इस मुद्दे को चुनावी वर्ष में पुरज़ोर तरीके से उठाकर गहलोत सरकार को चौतरफा घेरने में लगे हुए हैं। इधर, सरकार भी पेपर लीक और नक़ल गिरोह के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति से काम करने का दावा कर रही है।
इस बीच पेपर लीक प्रकरणों में नेताओं और अधिकारियों को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा 'क्लीन चिट' दिए जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। इन प्रकरणों की सीबीआई जांच की मांग उठा रहे विरोधी दल के नेताओं ने मुख्यमंत्री के बयान पर गहरी आपत्ति दर्ज करवाई है।
क्लीन चिट देना अपराध सामान: सांसद किरोड़ी लाल मीणा
राज्य सभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने सीएम अशोक गहलोत के मंगलवार को दिए उस बयान पर ऐतराज़ जताया है, जिसमें उन्होंने पेपर लीक प्रकरणों में कोई नेता या अफसर के शामिल नहीं होने का दावा किया है। डॉ किरोड़ी ने मुख्यमंत्री के 'क्लीन चिट' संबंधी बयान को अपराध समान कृत्य करार दिया है।
डॉ किरोड़ी ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने इस तरह का बयान देकर पुलिस और एसओजी सहित तमाम जांच एजेंसियों पर दबाव डालने का काम किया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सभी नेता-अफसर पेपर लीक प्रकरणों में शामिल नहीं हैं, तो सरकार ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष पद से डीपी जरौली को बर्खास्त क्यों किया?
सांसद ने कहा कि एक नहीं, बल्कि कई सरकारी भर्तियों में गड़बड़ी को लेकर प्रमाण दिए जाने के बाद भी सरकार दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। ये भी साफ़ हो गया है कि पेपर लीक मास्टरमाइंड सुरेश ढाका के ब्यूरोक्रेट्स और नेताओं से संबंध रहे। वहीं इन प्रकरणों में आधा दर्जन से ज्यादा एमएलए और मंत्री शामिल हैं इसके भी प्रमाण दिए गए हैं। लेकिन बावजूद इसके एसओजी ने अभी तक कोई काम नहीं किया। सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री क्लीन चिट देना बंद करें और सभी पेपर लीक प्रकरणों की जांच सीबीआई को दें।
युवाओं की मेहनत-उम्मीद पर एक और चोट: सांसद दिया कुमारी
भाजपा सांसद दिया कुमारी ने भी अधिकारियों-नेताओं को सीएम द्वारा क्लीन चिट दिए जाने पर नाराज़गी जताई है। सांसद ने अपनी ट्वीट प्रतिक्रिया में कहा, 'कांग्रेस सरकार में बेरोजगारों युवाओं की मेहनत और उम्मीद पर एक और चोट। कांग्रेस सरकार ने खुद को बचाने के लिए पेपर लीक मामले में शामिल पार्टी नेताओं-अफसरों को क्लीन चिट दी है। बिना राजनीतिक संरक्षण ऐसी घटना बार-बार होना असंभव है।'
जानें क्या कहते सीएम ने दी 'क्लीन चिट'?
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पेपर लीक मामले में नेताओं और अधिकारियों क्लीन चिट देते हुए कहा कि पेपर लीक मामले में कोई भी अधिकारी और नेता शामिल नहीं है। हमारी उपलब्धियों को कमजोर करने के लिए विपक्ष बार-बार नेताओं और अधिकारियों के नाम लेकर जनता को गुमराह कर रहा है। हम लगातार सरगनाओ तक पहुंच रहे हैं।हमारी सरकार ने पेपर लीक माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की है।
'कई राज्यों में हुए पेपर लीक '
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान ही नहीं बल्कि कई राज्यों में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। कई बीजेपी शासित राज्यों में भी पेपर लीक हुए हैं लेकिन जितनी सख्त कार्रवाई राजस्थान सरकार ने की है उतनी कार्रवाई अन्य राज्यों में नहीं हो रही है। कई राज्यों में तो पेपर लीक होने के बावजूद भर्तियां हो जाती हैं,फर्जी लोग इसका फायदा उठाकर नौकरी पर लग जाते हैं। हमने पेपर लीक होते ही भर्ती परीक्षा कैंसिल कर दी,हमें पीड़ा इस बात की है कि 20 से 25 लाख अभ्यर्थियों को पेपर लीक होने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ा।
Published on:
18 Jan 2023 11:20 am
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