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मुहाना मंडी में हत्या का मामला: आरोपी का शरीर देख पुलिस बोली, यह नहीं कर सकता हत्या

मुहाना मंड़ी में राजेश कुमार उर्फ राजू पहाडिया की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते ही की गई थी।

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jaipur murder

जयपुर। मुहाना मंड़ी में राजेश कुमार उर्फ राजू पहाडिया की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते ही की गई थी। पुलिस ने बुधवार दोपहर को हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में आरोपी ने रिश्तेदार युवती से राजू के अवैध संबंध होने की वारदात को अंजाम देना बताया। उधर, पुलिस वारदात के बाद पुलिस के शक के दायरे में चार लोग आए थे। लेकिन इन सबमें आरोपी का नंबर सबसे नीचे पायदान पर था। लेकिन मंगलवार को मंडी खुलने पर निजी दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपी नजर आया, तब मामले का खुलासा हुआ।

गिरफ्तार महावीर उर्फ पुखराज माली (20) मूलत: अजमेर के केकड़ी स्थित ग्यारसी कॉलोनी और हाल रामपुरा रोड मुहाना निवासी है। मानसरोवर एसीपी केके अवस्थी ने बताया कि आरोपी को शक था कि राजू के उसकी परिचित युवती से सालभर से अवैध संबंध है। समझाने पर भी राजू उसकी बात नहीं मान रहा था। इसके चलते राजू की हत्या करने की ठान ली थी। महिने के अंतिम दिन मुहाना मंडी में अवकाश रहता है। यहां कोई काम नहीं होता। साजिश के तहत 30 दिसम्बर 2018 की रात्रि को राजू को मंडी में शराब पीने बुलाया। वहां पर शराब पी और राजू को अधिक पिलाई। वह लडखड़़ाकर मंडी के प्लेटफार्म पर ही गिर गया। तब कैरी काटने वाले गंडासे से राजू की गर्दन और सीने पर आधा दर्जन से अधिक वार कर हत्या कर दी थी।

मुहाना थानाधिकारी देवेन्द्र सिंह ने बताया कि वारदात के बाद चार लोगों पर शक गया। पहला जहां हत्या हुई, उसके नजदीक प्लेटफार्म की छत पर जाने की सीढिय़ां है। छत पर सो रहा एक पल्लेदार 31 दिसम्बर की सुबह सीढिय़ों से उतरकर गया। मौके पर फैले खून में बिना पैर रखे वहां से जाना मुश्किल था। पल्लेदार ने शव देखने के संबंध में इनकार कर दिया। तब उस पर सबसे अधिक शक गहराया। दूसरा शक राजू और उसके भाई में एक बार झगड़ा हुआ था। तब मामला पुलिस तक पहुंचा था। भाई की शक के दायरे में आ रहा था। तीसरा शक ससुराल वालों पर गया।

राजू ने अपनी पत्नी को छोड़ दिया था। ससुराल वालों से विवाद होने पर उन पर भी शक गया। आरोपी महावीर के साथ राजू की जान पहचान होने का पता चलने पर उसको पहली बार देखा तो उसका शरीर देख हत्या में उसका हाथ होने का शक कम हुआ। जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया।

ऐसे लग रहा था, हत्या करने वाले दो लोग हो सकते हैं। 1 जनवरी 2019 को मंडी खुली और निजी दुकानों पर लगे चार स्थानों के सीसीटीवी कैमरों में महावीर नजर आया, तब उस पर शक गहराया। आरोपी से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने हत्या करना कबूल लिया।

घुटने से नीचे पेंट पर खून लगा तो उसे जलाकर तपा
हत्या के समय आरोपी की पेंट पर घुटने से नीचे खून लग गया। तब आरोपी मंडी में ही नजदीक एक पानी की टंक पर खून से सने अपने हाथों को धोकर बाहर चला गया। वहां कुछ लोग तप रहे थे, तब वह भी बैठ गया और घुटने से नीचे पेंट फटने का झांसा दिया। घुटने से नीचे की पेंट को फाड़कर आग में जला दिया और तपने लगा। फिर एक अन्य सब्जी विक्रेता की दुकान पर जाकर सो गया और अगले दिन सुबह लालकोठी मंडी में आ गया। यहां से एक पिकअप में सब्जी भरवाकर अपने भाई के पास केकड़ी भेज दी और रोज की तरह रहने लगा।