
Mulayam Singh Yadav Death News LIVE Updates : समाजवादी पार्टी के संरक्षक 'नेताजी' मुलायम सिंह यादव के निधन से राजस्थान में भी उनकी पार्टी के नेता-कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। वहीं कांग्रेस-भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी शोक संदेशों के ज़रिए नेताजी के दुखद निधन पर अपनी शोक संवेदनाएं जारी की।
चुनावों तक सीमित रहे नेताजी के दौरे
'नेताजी' का लंबा सियासी सफर भले ही खासतौर से उत्तर प्रदेश से ज़्यादा जुड़ा हुआ, पर अपने सियासी दौरे के तहत उनका कई राज्यों में जाना भी हुआ। इसी क्रम में वे राजस्थान में कई बार आए। हालांकि उनके ये दौरे ज़्यादातर संक्षिप्त ही रहे।
समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं के अनुसार मुलायम सिंह यादव के राजस्थान में ज़्यादातर चुनावी दौरे ही रहे। वर्ष 2003, वर्ष 2008 और वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान उनके प्रदेश में संक्षिप्त दौरे रहे।
सम्मेलनों-कार्यक्रमों में हुए शामिल
समाजवादी पार्टी प्रदेशाध्यक्ष पंडित राम किशन ने 'पत्रिका' से बातचीत में बताया कि नेताजी के राजस्थान में कई बार चुनावी दौरे लगे। वे एक दफा समाजवादी पार्टी की राजधानी जयपुर में हुई राष्ट्रीय समिति बैठक में शामिल होने आए थे। फिर अलवर के बानसूर में यादव समाज के एक सम्मेलन में भी शिरकत करने पहुंचे थे।
इसके अलावा भरतपुर में विधानसभा चुनाव के तहत सम्मेलन और टोंक में लोकसभा उपचुनाव के सिलसिले में आयोजित एक सम्मेलन में भी शामिल हुए थे। इसके अलावा भी उनके कई संक्षिप्त चुनावी दौरे राजस्थान में लगे।
अमर सिंह को दे रखा था 'फ्री हैंड'
जानकारी के अनुसार समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने अपने वक्त में राजस्थान सहित अन्य राज्यों में दौरे के लिए पूर्व राज्यसभा सांसद व पूर्व महासचिव अमर सिंह यादव को 'फ्री हैंड' दे रखा था। इसी वजह से राजस्थान में भी नेताजी के दौरे अमर सिंह ही तय किया करते थे।
नहीं रास आया राजस्थान, नाकाम हुई कोशिशें
समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की तर्ज़ पर राजस्थान की जनता के बीच अपनी पैठ जमाने की खूब कोशिश की, लेकिन उनकी ये कोशिश लगभग बेअसर ही साबित हुई। विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा उपचुनाव के दौरान पार्टी ने अपने प्रत्याशी भी उतारे, लेकिन नतीजे सकारात्मक नहीं आये।
एकमात्र सीट पर जमाया 'कब्ज़ा'
एक वक्त ऐसा रहा जब समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की अगुवाई और देखरेख में पार्टी की राजस्थान इकाई खासा सक्रीय थी। खासतौर से राजस्थान के यादव बाहुल्य इलाकों पर पार्टी का फोकस रहा। यही वजह थी कि समाजवादी पार्टी ने वर्ष 2008 विधानसभा चुनाव के दौरान अलवर के राजगढ़ सीट में जीत हासिल की।
ये पहली और एकमात्र बार रहा जब समाजवादी पार्टी की तरफ से राजगढ़ से उम्मीदवार सूरजभान धानका ने कांग्रेस-भाजपा के प्रतिद्वंदियों को शिकस्त दे डाली थी। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को 937 मतों के अंतर से हरा दिया था। इस जीत के पहले और बाद में पार्टी के किसी प्रत्याशी को किसी भी तरह के चुनाव में जीत नसीब नहीं हुई। सपा से विधायक बने सूरजभान राजगढ़ से पहली बार गैर मीणा उम्मीदवार के तौर पर जीते थे।
दरअसल, राजगढ़ क्षेत्र 1957 में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हुआ था। तब से 50 साल तक इस क्षेत्र से मीणा उम्मीदवार ही जीतते रहे। सूरजभान धानका ने इस परंपरा को तोड़ दिया। उनकी जीत अलवर जिले में समाजवादी पार्टी की भी पहली जीत थी।
Updated on:
10 Oct 2022 12:49 pm
Published on:
10 Oct 2022 12:36 pm
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