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तीन साल की बच्ची के हत्यारे ने पुलिस से बचने के लिए अपनाया खतरनाक रास्ता, तीन साल बच भी गया लेकिन

आरोपी थाना सदर के टॉप टेन वांछित अपराधियों की श्रेणी में शामिल है।

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जयपुर
बांरा जिले के सदर थाना क्षेत्र के रारोति गांव में 3 साल की बच्ची की हत्या के मामले में 2 साल से फरार चल रहे आरोपी हेमराज बागरी , निवासी थाना कनवास जिला कोटा को थाना पुलिस की टीम ने पंजाब के अमृतसर जिले में 3 दिन तक स्टे कर गुप्त रूप से जानकारी प्राप्त कर गिरफ्तार किया है। आरोपी थाना सदर के टॉप टेन वांछित अपराधियों की श्रेणी में शामिल है।
बारां एसपी कल्याण मल मीणा ने बताया कि थाना सदर क्षेत्र के रारोती गांव में 19 मई 2020 को 3 वर्ष की बच्ची अनु मोग्या की हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। जिसमें थाना पुलिस द्वारा पूर्व में पांच आरोपियों भूरिया उर्फ नरेंद्र मोग्या, टोच्या उर्फ सूरज मोग्या, कमल्या उर्फ कमलेश मोग्या, हीरालाल मोग्या एवं नरेश पुत्र रमेश मोग्या को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। जिसकी गिरफ्तारी के लिए थाना पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी।
एसपी मीणा ने बताया कि तलाश के दौरान टीम को आरोपी के अमृतसर जिले में छुपे होने की सूचना मिली। इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिनेन्द्र कुमार जैन व सीओ मनोज गुप्ता के सुपरविजन एवं थानाधिकारी राजेश खटाना के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। सूचना मिलते ही टीम अमृतसर के लिए रवाना हुई। जहां 3 दिन रुक कर आरोपी के बारे में गुप्त रूप से सूचना एकत्रित की गई। आंतरिक सूचनाएं व तकनीकी सहायता से आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि आरोपी काफी शातिर प्रवृत्ति का है। अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए 2 वर्षों तक अलग-अलग राज्यों में रह रहा था। पंजाब में भी आरोपी ने पुलिस की निगाह में आने से बचने के लिए अपनी दाढ़ी एवं सिर के बाल बढ़ाकर पंजाबी पगड़ी पहनकर सरदार का हुलिया बना रखा था।