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Development Project: पश्चिमी राजस्थान को बड़ा तोहफा, नागौर-बीकानेर फोरलेन परियोजना को मंजूरी, 1359 करोड़ होंगे खर्च

Nagaur-Bikaner Four Lane Project: केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नागौर–बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-62) के फोरलेन निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना से पश्चिमी राजस्थान की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ ही क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
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जयपुर

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Rakesh Mishra

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Updated: 10 Jun 2026, 3:13 PM IST

Nagaur Bikaner four lane project

प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर/नागौर। पश्चिमी राजस्थान की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नागौर-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-62) को फोरलेन बनाने की मंजूरी दे दी है। करीब 1359.33 करोड़ रुपए की लागत वाली यह परियोजना बीओटी (टोल) मॉडल पर विकसित की जाएगी। इस स्वीकृति के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ व्यापार, उद्योग और पर्यटन क्षेत्र को भी नया बल मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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राज्य सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख जिलों के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। साथ ही निवेशकों के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे, जिससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने परियोजना की मंजूरी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में आधुनिक और सुरक्षित सड़क नेटवर्क के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नागौर और बीकानेर सहित आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को इससे नई गति मिलेगी और यह विकसित राजस्थान के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

फाइनेंशियल बिड भी खोली

इधर, नागौर-जोधपुर मार्ग को फोरलेन बनाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ गई है। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने गत वर्ष नागौर से जोधपुर के नेतड़ा तक लगभग 87 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग तथा गोगेलाव से अमरपुरा तक 19 किलोमीटर लंबे बायपास निर्माण के लिए स्वीकृति जारी की थी। अब इस परियोजना की फाइनेंशियल बिड भी खोल दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 884 करोड़ रुपए की लागत वाले इस सिविल कार्य में 40 प्रतिशत राशि मंत्रालय उपलब्ध कराएगा, जबकि शेष 60 प्रतिशत निवेश निर्माण एजेंसी करेगी।

यातायात का दबाव कम होगा

इसके अलावा नागौर शहर के चारों ओर प्रस्तावित रिंग रोड को पूरा करने की दिशा में भी प्रगति हुई है। मंत्रालय ने बीकानेर रोड और लाडनूं रोड को जोड़ने वाले शेष हिस्से के लिए बायपास निर्माण की मंजूरी प्रदान कर दी है। वर्तमान में नागौर शहर से दो राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं, जिसके कारण दिन-रात भारी वाहनों का दबाव बना रहता है। इससे यातायात जाम और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या भी सामने आती रही है। नई सड़क और बायपास परियोजनाओं के पूरा होने के बाद शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होने तथा लोगों को सुरक्षित और तेज यात्रा सुविधा मिलने की उम्मीद है।