
सोलर प्लांट। फाइल फोटो- पत्रिका
जयपुर। पीएम-कुसम योजना के कम्पोनेंट-सी के तहत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने वाले राजस्थान के 553 ऊर्जादाताओं को बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार ने इनके लिए 531 करोड़ रुपए से अधिक की केंद्रीय वित्तीय सहायता (सीएफए) मंजूर की है। यह राशि जल्द ही संबंधित सौर ऊर्जा उत्पादकों के बैंक खातों में जमा कराई जाएगी। इससे प्रदेश में सौर ऊर्जा उत्पादन को और बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों और ऊर्जा उत्पादकों को आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
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केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से जारी स्वीकृति के अनुसार जोधपुर विद्युत वितरण निगम क्षेत्र में 429 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने वाले 432 ऊर्जादाताओं को 379.41 करोड़ रुपए की सहायता स्वीकृत की गई है। वहीं अजमेर विद्युत वितरण निगम क्षेत्र में 169 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने वाले 121 सौर ऊर्जा उत्पादकों के लिए 151.21 करोड़ रुपए की केंद्रीय वित्तीय सहायता मंजूर की गई है। दोनों वितरण निगमों की ओर से यह राशि जल्द ही संबंधित लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी।
राजस्थान के तीनों विद्युत वितरण निगमों की ओर से सौर ऊर्जा उत्पादकों को केंद्रीय वित्तीय सहायता दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत ऊर्जा उत्पादकों को आवश्यक दस्तावेज और क्लेम प्रक्रिया पूरी करने में सहयोग दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि केंद्र सरकार से लगातार सहायता राशि प्राप्त हो रही है। अब तक जयपुर, जोधपुर और अजमेर विद्युत वितरण निगमों की ओर से कुल 1012 करोड़ रुपए की केंद्रीय वित्तीय सहायता के क्लेम केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय को भेजे जा चुके हैं।
इनमें से 720 सौर ऊर्जा उत्पादकों के लिए केंद्र सरकार 670 करोड़ रुपए की सहायता राशि स्वीकृत कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि शेष क्लेमों पर भी प्रक्रिया जारी है और पात्र लाभार्थियों को जल्द सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। पीएम-कुसम योजना के कम्पोनेंट-सी के तहत विद्युत सब-स्टेशन से पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित अनुपजाऊ भूमि पर अधिकतम पांच मेगावाट क्षमता तक के विकेंद्रित सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाते हैं।
इन संयंत्रों के माध्यम से कृषि फीडरों का सौरीकरण किया जाता है, जिससे किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने वाले उत्पादकों को केंद्र सरकार संयंत्र की क्षमता और लागत के आधार पर 30 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान करती है। इसके लिए अधिकतम सहायता राशि 1.05 करोड़ रुपए प्रति मेगावाट निर्धारित की गई है।
राजस्थान में पीएम-कुसम योजना के कम्पोनेंट-सी के तहत उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रदेश में अब तक 3371 मेगावाट क्षमता की 1312 सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। इनमें जोधपुर डिस्कॉम क्षेत्र में 2647 मेगावाट, अजमेर डिस्कॉम क्षेत्र में 373 मेगावाट तथा जयपुर डिस्कॉम क्षेत्र में 352 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं।
सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के मामले में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। कम्पोनेंट-सी के तहत स्थापित परियोजनाओं के आधार पर राजस्थान देश में तीसरे स्थान पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।
Updated on:
9 Jun 2026, 7:44 PM IST
Published on:
9 Jun 2026, 7:41 PM IST
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