
नेशनल लैब की रिपोर्ट, घी में बीफ की मिलावट !
जयपुर
राज्य में विभिन्न ब्रांडों के घी में से कुछ ब्रांड का मिलावटी घी बाजार में धड़ल्ले से बिक रहा है। यानि हो सकता है आप जो घी काम में ले रहे हैं उसमें कई तत्वों की मिलावट हो। इतना ही नहीं घी में बीफ तक की मिलावट हो सकती है। घी में मिलावट की यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि जयपुर डेयरी की ओर से बाजार में विभिन्न ब्रांडों के घी की करवाई गई जांच की रिपोर्ट कर रही है। यह रिपोर्ट नेशनल लेवल की लैब की है। इस रिपोर्ट में कई ब्रांडों के घी सैंपल ना केवल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं बल्कि घी में बीफ तक की मिलावट की आशंका तक रिपोर्ट में जताई गई है। लेकिन हैरत की बात यह है कि मिलावटी घी की प्रमाणिक जानकारी मिलने के बावजूद अभी तक सरकारी स्तर पर कोई कदम नहीं उठाया है। जिस डेयरी ने यह जानकारी सरकार को प्रमाण के साथ उपलब्ध करवाई, उसके पत्र पर कोई जवाब तक नहीं दिया गया।
दरअसल, जयपुर डेयरी ने पिछले दिनों बाजार में उपलब्ध एक दर्जन से अधिक विभिन्न ब्रांडों के घी के सैप्पलों की जांच करवाई थी। यह जांच सेंटर फॉर एनालिसिस एंड लर्निंग इन लाइव स्टॉक एंड फूड यानि सीएएलएफ से करवाई गई थी। डेयरी ने सरस के साथ ही कुल 13 ब्रांडों के घी के सैंपल की जांच करवाई थी। इनमें से 4 ब्रांडों का घी मानकों पर खरा नहीं उतरा और उसमें नेचुरल फेट की जगह फॉरेन फेट होने की जानकारी सामने आई। गौरतलब है कि बाजार में अन्य कई ब्रांडों के घी सरस ब्रांड के घी से कम दरों पर बेचे जा रहे हैं।
इन तत्वों की मिलावट संभव
सीएएलएफ की जांच रिपोर्ट में 13 में से 4 ब्रांड का घी मिलावटी बताया है। इतना ही नहीं घी में बीफ टेलो यानि जानवर से प्राप्त वसा की मिलावट की आशंका भी जताई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 4 ब्रांडों के घी में फोरेन फैट की मिलावट है। रिपोर्ट में संभावना जताई गई है कि घी में फोरेन फैट के रूप में सोयाबीन, सनफ्लॉवर, ऑलिव, रेपसीड, लिनसीड, व्हीट जर्म, मैज जर्म, कॉटन सीड, फिश ऑयल, कोकोनट एण्ड पॉम फैट, पॉम ऑयल, बीफ टेलो और लार्ड का नाम अंकित किया गया है। इनमें से किसी एक तत्व या फिर सभी की मिलावट होने की बात रिपोर्ट में कही गई है।
एसीएस के नाम लिखा था लेटर
डेयरी ने लैब की रिपोर्ट के साथ पशुपालन एवं गोपालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के नाम पत्र लिखा। इस पत्र में प्रमाणिक रिपोर्ट के जरिए यह बताया गया कि कौनसे ब्रांड के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं और उनमें किन किन तत्वों की मिलावट हो सकती है। सरकार को पत्र लिखे एक महीना हो चुका है लेकिन डेयरी से मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले को लेकर जयपुर डेयरी के पास किसी तरह का जवाब तक नहीं आया है। ना ही डेयरी से कुछ ओर पूछा गया है।
फिर फोन नहीं उठाया
इस मामले में जब पशुपालन एवं गोपालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव खेमराज चौधरी से बात करने की तो उन्होंने पहले फोन उठाया लेकिन संवाददाता का परिचय जानने के बाद फोन काट दिया। उन्हें दोबारा फोन करने पर उन्होंने कॉल अटेंड ही नहीं किया।
Published on:
21 Jun 2018 10:12 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
