
demo image
जयपुर. कोराना वायरस ने हर क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया है। अब थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन से पहले पुलिस के लंबित प्रकरण 22 फीसदी रहते थे। वहीं मई माह के अंत में यह बढकऱ 29 फीसदी हो गए हैं। इससे पीडि़त पक्ष को न्याय मिलने में देरी होगी, वहीं पुलिस पर लॉकडाउन खुलने के बाद बढऩे वाले अपराधों के कारण अनुसंधान का भार बढ़ेगा। कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन में अपराधों में भारी कमी आ गई। वहीं पुलिस के अनुसंधान पर भी बे्रक लग गए। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि लॉकडाउन में गवाह, अनुसंधान अधिकारी तक नहीं पहुंच सके और अनुसंधान अधिकारी, गवाहों तक नहीं जा सके। पुलिस की ड्यूटी कोरोना वॉरियर्स के रूप में लगने के कारण प्रकरणों के नक्शा मौका भी नहीं बनाए जा सके। इस वर्ष जनवरी से मई तक 6738 प्रकरण दर्ज हुए, इनमें 29 फीसदी प्रकरण लंबित हैं।
Published on:
08 Jun 2020 12:57 am
