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सरकार बैकफुट पर, जारी रहेगा जयपुर से हज का मुक्कदस सफर, मुस्लिम समाज ने कहा मिला दिवाली का तोहफा

राजस्थान पत्रिका के उजागर करने के बाद मुस्लिम संगठनों ने किया था सरकार के निर्णय का विरोध

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haz yatra

जयपुर . हज के लिए जयपुर समेत 12 शहरों में फ्लाइट बंद करने के प्रस्ताव पर केन्द्र सरकार बैकफुट पर आती दिख रही है। केन्द्र ने जयपुर समेत तीन शहरों में फ्लाइट जारी रखने के लिए हरी झंडी दिखा दी है। साथ ही मुस्लिम संगठनों की कुछ अन्य मांगों पर 30 अक्टूबर को निर्णय करने की उम्मीद की जा रही है। मुस्लिम समाज ने इस निर्णय पर हर्ष की लहर दौड गई। समाज के लोगों का कहना था कि फ्लाइट शुरू करने का निर्णय हमारे लिए दिवाली का ही तोहफा है।

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नई हज नीति 2018-22 में जयपुर-भोपाल समेत 12 शहरों में एम्बार्केशन प्वाइंट के बंद करने का प्रस्ताव था। इसका विरोध बढऩे पर सरकार कुछ राहत देने जा रही है। प्रदेश के मुस्लिम संगठनों की ओर से विरोध दर्ज कराने के बाद राजस्थान हज कमेटी के अध्यक्ष अमीन पठान ने केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से बात की। इसके बाद केन्द्र जयपुर में एम्बार्केशन प्वाइंट रखने को राजी हो गया। इससे प्रदेश के हजारों हाजियों को राहत मिलेगी। इसके अलावा भोपाल व एक अन्य शहर में भी हाजियों के लिए यह सुविधा जारी रखने पर केन्द्र सहमत हो सकता है।

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बैठक में की चर्चा
राजस्थान स्टेट हज कमेटी के चैयरमैन अमीन पठान ने कमेटी के पदाधिकारियों सहित स्थानिय खदिमुल हुज्जाज के नई हज नीति के प्रस्तावों पर चर्चा की। इस बैठक में हज कमेटी के सदस्य मुश्ताक अहमद, डॉ.तस्लीम, मोहम्मद सादिक खान, राजस्थान हज वेलफेयर के महासचिव हाजी निजामुद्दीन के अलावा कई लोगों ने शिरकत की।

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इन पर नहीं मानी

- 70 साल से अधिक आयु वाले और चार साल से लगातार आवेदन करने वालों को नहीं मिलेगी वरीयता
- निजी ट्यूर ऑपरेटरों का कोटा 30 फीसदी रहेगा।

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जयपुर में एम्बार्केशन प्वाइंट रखने पर केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री सहमत हो गए हैं। जबकि 45 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को 4 या इससे अधिक के समूह में बिना मेहरम (अकेले) के हज पर जाने के मामले को फिलहाल पेंडिंग रखा गया है। इस पर 30 अक्टूबर को केन्द्रीय हज कमेटी की बैठक में निर्णय हो सकता है।

अमीन पठान, अध्यक्ष, राजस्थान हज कमेटी