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Lok Sabha Speaker बनने के बाद Om Birla का पहला संबोधन, यहां देखें उद्बोधन की 10 बड़ी बातें

Speaker of the 17th Lok Sabha Om Birla का आसन से पहला संबोधन, यहां देखें 10 Highlights

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New Lok Sabha Speaker Om Birla first speech from parliament

जयपुर/ नई दिल्ली।

राजस्थान के कोटा से सांसद ओम बिरला ( Rajasthan Kota BJP MP Om Birla ) ने 17वीं लोकसभा ( 17th Lok Sabha ) का अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद हर सदस्य का संरक्षण करने और उनके बुनियादी सवालों को उठाने का पूरा अवसर दिए जाने का भरोसा दिलाया। बिरला ने लोकसभा अध्यक्ष के पद पर निर्वाचन होने के बाद उनके सम्मान में विभिन्न दलों के नेताओं के सम्बोधन पर धन्यवाद ज्ञापन करते हुए ये बात कही।

नए लोकसभा अध्यक्ष के उद्बोधन की 10 बड़ी बातें
- 'हर दल के सदस्यों का संरक्षण होगा और उन्हें उनके बुनियादी सवालों को उठाने का पूरा अवसर दिया जाएगा।'


- 'हाल ही में संपन्न लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व को देशवासियों से बड़े उल्लास एवं उमंग से मनाया है। देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति बहुत सी चुनौतियां हैं तो अपेक्षाएं भी बहुत हैं।'


- 'लोकतंत्र के इस मंदिर में हम लाखों मतदाताओं का भरोसा एवं विश्वास अर्जित करके आते हैं। देश की जनता को भरोसा होता है कि हम समाज के अंतिम व्यक्ति की भी आवाज को यहां उठाएंगे।'

- 'सभी दलों के नेताओं ने जैसी अपेक्षा व्यक्त की है कि लोकतंत्र के इस सबसे बड़े मंदिर की सर्वोच्च पीठ निष्पक्ष होनी भी चाहिए और दिखनी भी चाहिए।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश संख्या बल के सहारे नहीं बल्कि सबको विश्वास में लेकर चलता है। निष्पक्षता एवं पारदर्शिता से ही विश्वास मजबूत होता है।'


- 'चुनाव में मतदाताओं ने उत्साह एवं उमंग से तपती धूप में घंटो कतारों में खड़े होकर हमको चुना है। पिछली सरकार जनता की अपेक्षाओं पर उसके भरोसे पर खरी उतरी तो उसे इस बार अधिक संख्याबल के साथ जनता ने यहां भेजा है। इससे सरकार पर ज्यादा जिम्मेदारी आ गई है। जितना जनता का भरोसा है, उतनी ही जवाबदेही भी होनी चाहिए।'

- 'सभी सदस्य जनता के बुनियादी सवालों को लेकर सक्रिय रहेंगे और सरकार से भी आग्रह है कि वह प्रश्नकाल हो या शून्यकाल, जनता के हर सवाल का जवाब दे।'


- 'सदस्य सदन में केवल वे ही सवाल उठायें जो केन्द्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हों, वे नहीं जो राज्य या स्थानीय शासन के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।'


- 'मेरी कोशिश होगी कि चाहे कोई दल कितनी ही कम संख्या में हो, वह उनका संरक्षण करें।'


- 'प्रधानमंत्री ने कहा है कि सरकार उनके लिए भी है जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया है। हम सब यहां देश को समृद्धशाली बनाने के लिए आये हैं। इसलिए सदस्य संसदीय मर्यादाओं में रह कर परंपराओं के अनुरूप अपने विषय उठायें।'


- 'अध्यक्ष होने के नाते यह उनकी जिम्मेदारी है कि उसे पूरी निष्पक्षता से निर्वाह किया जाये।'

अध्यक्ष के धन्यवाद ज्ञापन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन से अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों का परिचय कराया। बिहार की पूर्णिया सीट से निर्वाचित जनता दल यूनाइटेड के सांसद संतोष कुमार को शपथ दिलाने के बाद बिरला ने सदन की कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया।