9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान में जल्द लागू होगी ये पॉलिसी, भजनलाल सरकार ने तेज किया काम; मिलेगा बड़ा फायदा

भजनलाल सरकार ने खनिज खोज और उत्पादन को गति देने के लिए लाई जा रही नई खनन नीति को अंतिम रूप देने के लिए काम तेज कर दिया है।

less than 1 minute read
Google source verification

देश में खनिज उत्पादन में तीसरे नंबर पर चल रहे राजस्थान में खनिज खोज और उत्पादन को गति देने के लिए लाई जा रही नई खनन नीति को अंतिम रूप देने के लिए राज्य सरकार ने काम तेज कर दिया है। नई खनन नीति के प्रस्तावित ड्राफ्ट पर आमजन से मांगे गए प्रस्तावों की भी अंतिम तिथि रविवार को खत्म हो गई।

नई खनन नीति में बदलाव और कुछ नए प्रावधान जोड़ने को लेकर खनन से जुड़े संगठनों ने ज्ञापन सौंपे हैं। इसमें प्रदेश में माइनिंग जोन बनाने और उद्योग का दर्जा देने की मांग रखी है।

राजस्थान सरकार ने हाल ही बजट में नई खनन नीति लाने और एमसेंड नीति में बदलाव कर बढ़ावा देने का एलान किया था। इसको लेकर प्रमुख सचिव खान टी. रविकांत ने एक दिन पहले खान संचालकों और माइनिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से चर्चा की थी।

यह भी पढ़ें : राजस्थान के इन परिवारों को मिलेगा 300 वर्गमीटर का फ्री प्लॉट, 2 अक्टूबर को CM भजनलाल सौंपेंगे पट्टे

प्रमुख सुझाव-

  • राजस्व जमाबंदी में माइनिंग क्षेत्र का हो उल्लेख
  • रिप्स प्रावधानों का लाभ माइनिंग सेक्टर को भी मिले
  • एक्सक्लूसिव माइनिंग जोन बनाया जाए
  • वन विभाग से ओवरलेपिंग न हो
  • रवन्ना की धरातलीय समस्या का समाधान हो
  • अन्य विभागों से बेहतर समन्वय जरूरी
  • 2040 तक लीज अवधि बढ़ाने पर ली जाने वाली राशि व्यावहारिक हो
  • एमसेंड के लिए एक हेक्टर जमीन के साथ ही किराएदारों को भी यूनिट लगाने की अनुमति मिले
  • डिजिटल पोर्टल बनाया जाए

यह भी पढ़ें : राजस्थान के इस मार्ग पर अब दौड़ेगी रोडवेज बस, MLA ने नई बस सेवा को दिखाई हरी झंडी